फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   patients suffer from MSBY yojana

एमएसबीवाई की वेबसाइट 48 घंटे से बंद, मरीजों की जान पर बन आई

Mon, 09 Oct 2017 11:46 AM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 09 Oct 2017 11:46 AM IST
विज्ञापन
patients suffer from MSBY yojana
एमएसबीवाई की पात्र होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है

इलाज के लिए अल्मोड़ा से देहरादून आईं 63 वर्षीय मधुली सांस रोग और कैंसर से पीड़ित हैं, लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) की पात्र होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

विज्ञापन


अस्पताल के आईसीयू में जगह नहीं मिलने से महिला की जान पर बन आई है। यह अकेली मधुली की ही समस्या नहीं है, बल्कि पिछले 48 घंटे से एमएसबीवाई की वेबसाइट बंद होने से प्रदेशभर में कई कार्ड धारक योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नेट कनेक्टिविटी फेल होने और कुछ अन्य तकनीकी दिक्कत आने से यह समस्या पैदा हुई है।
विज्ञापन


अपने बेटे गोपाल के पास पहुंचीं मधुली देवी को दून मेडिकल कॉलेज से जौलीग्रांट स्थित हिमालय हॉस्टिपल रेफर किया गया, लेकिन वहां प्रतिदिन का खर्च 15 हजार रुपये बताया गया। एम्स ऋषिकेश में भी इलाज पर रोजाना 1800 से अधिक का खर्च बताया गया। इसके बाद बेटा मधुली को वापस दून अस्पताल ले आया। शनिवार दोपहर महिला को दून अस्पताल की आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन एमएसबीवाई की वेबसाइट बंद होने से गंभीर बीमार इस महिला को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटे गोपाल ने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज में आईसीयू का रोज का 1600 रुपये खर्च देने में वह असमर्थ है। एमएसबीवाई की साइट बंद होने से कार्ड का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि मां को समय पर इलाज नहीं मिला तो उसका बचना मुश्किल है। जबकि, दून अस्पताल सहित प्रदेशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों का यही हाल है। आर्थिक रूप से कमजोर कई मरीज बेहाल हैं।

नेट कनेक्टिविटी और कुछ अन्य तकनीकी दिक्कत आने से समस्या बनी है। प्रयास है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो सके। योजना के तहत आने वाले पात्र मरीजों को इस बीच दिक्कत न हो, इसके लिए अस्पतालों को ऑफ लाइन, ई-मेल या एसएमएस के जरिये बीना कंपनी को सूचित करना चाहिए। 

- डॉ. अमलेश कुमार, नोडल अधिकारी एमएसबीवाई 

गंभीर बीमार को सवा लाख तक की सुविधा  
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना राज्य के उन सभी बीपीएल, एपीएल परिवारों के लिए है, जो सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके आश्रित नहीं हैं। प्रदेशभर में करीब 12 लाख कार्ड धारक हैं। योजना में सामान्य बीमारी के लिए 50 हजार और गंभीर बीमारी के लिए एक लाख 25 हजार रुपये तक की नकदी रहित उपचार की सुविधा दी जाती है। प्रदेश भर के सभी सरकारी और चयनित कुछ निजी अस्पतालों में योजना का लाभ मिलता है। मरीजों के कार्ड की पड़ताल कर वेबसाइट के जरिये संबंधित बीमा कंपनी से योजना के तहत नकदी रहित इलाज की अप्रूवल ली जाती है। लेकिन वेबसाइट बंद होने के कारण मरीजों को पिछले 48 घंटे से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed