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Dehradun News: दून अस्पताल की देहरी पर संवेदनाओं ने तोड़ा दम... इलाज न मिलने पर मरीज की मौत
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दून अस्पताल में बृहस्पतिवार को फिर प्रबंधन की संवेदनहीनता देखने को मिली। एक बुजुर्ग मरीज अस्पताल के बाहर डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस में ऑक्सीजन मास्क लगाए बैठा रहा, लेकिन चिकित्सकों भर्ती करना तो दूर उसे प्राथमिक उपचार देने तक की जहमत नहीं उठाई। निराश परिजन मरीज को लेकर लौटे तो रास्ते में बुजुर्ग की मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक 50 वर्षीय बिजेंद्र को हृदय संबंधी दिक्कत थी। बुधवार देर रात अचानक समस्या होने पर उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात भर उपचार के बाद मरीज को जब आराम नहीं मिला तो दून अस्पताल रेफर किया गया। दून अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने के बाद मरीज करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मेंं ही ऑक्सीजन मास्क लगाए बैठा रहा। परिजनों का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों के पास कई बार जाकर मिन्नतें कीं पर दिल नहीं पसीजा।
आरोप है कि मरीज का आयुष्मान कार्ड न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया। अंतत: हताश होकर परिजनों को मरीज को लेकर वापस जाना पड़ा। दून अस्पताल से ले जाते समय रास्ते में बुजुर्ग की मौत हो गई।
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परिजनों के मुताबिक 50 वर्षीय बिजेंद्र को हृदय संबंधी दिक्कत थी। बुधवार देर रात अचानक समस्या होने पर उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात भर उपचार के बाद मरीज को जब आराम नहीं मिला तो दून अस्पताल रेफर किया गया। दून अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने के बाद मरीज करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मेंं ही ऑक्सीजन मास्क लगाए बैठा रहा। परिजनों का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों के पास कई बार जाकर मिन्नतें कीं पर दिल नहीं पसीजा।
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आरोप है कि मरीज का आयुष्मान कार्ड न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया। अंतत: हताश होकर परिजनों को मरीज को लेकर वापस जाना पड़ा। दून अस्पताल से ले जाते समय रास्ते में बुजुर्ग की मौत हो गई।
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