मदर्स डे पर ममता हुई शर्मसार, दरगाह में लावारिस छोड़ गए दिव्यांग नवजात बच्ची
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एक तरफ पूरी दुनिया मदर्स डे मना रही थी, दूसरी तरफ पिरान कलियर में ममता शर्मसार हो रही थी। तीन दिन की नवजात बच्ची रविवार सुबह दरगाह इमाम साहब परिसर में बुलंद दरवाजे के पास लावारिस हालत में पड़ी मिली।
बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आस पास के लोग वहां जमा हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के मां-बाप का सिरा तलाशा, लेकिन कुछ भी पता न चलने पर लिखापढ़ी कर बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया।
इससे पहले दरगाह परिसर में नवजात बच्ची के मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। क्षेत्र में सबकी जुबां पर इस बच्ची की ही चर्चा थी। जितने मुंह उतनी बातें। कोई कह रहा था कि महिला बाहर से आकर बच्ची को दरगाह के बुलंद दरवाजे के पास छोड़ गई है तो कोई कुछ और।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में बच्ची के परिजनों को लेकर छानबीन की। लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद पुलिस बच्ची को थाने ले आई। कार्यवाहक थानाध्यक्ष एनके बचकोटी ने बताया कि थाने में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को बुलाकर बच्ची को उसे सौंप दिया गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के सदस्य प्रेम द्विवेदी के मुताबिक अभी बालिका का मेडिकल कराया जाएगा।
दिव्यांग होने की वजह से छोड़ा?
बच्ची का एक पैर छोटा और एक पैर बड़ा है। कयास लगाया जा रहा है कि शायद उसके दिव्यांग होने की वजह से ही उसके खैरख्वाह उसे यहां छोड़ गए।
बच्ची को छोड़े जाने पर लोगों में गुस्सा
बच्ची को लावारिस छोड़ जाने पर लोगों में गुस्सा है। उनका कहना था कि बच्चों के आंसू पत्थर तक को पिघला देते हैं। कैसे लोग हैं जिनकी ममता मर चुकी है।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे दो मामले
कलियर में पहले भी इस तरह के दो मामले आ चुके है। बीते साल 28 अगस्त को कलियर स्थित शाहजी पीर के मजार के पास जंगल में एक खेत में नवजात बच्ची सुनसान जगह पर अकेली पड़ी रोती हुई मिली थी। इसके अलावा करीब तीन वर्ष पहले दरगाह परिसर में भी एक नवजात बच्ची मिली थी।