फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   P chidambram against congress government decision in high court.

आखिर क्यों? वापस लौट गए चिदंबरम के स्वागत को आए कांग्रेसी

Fri, 27 Nov 2015 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल Updated Fri, 27 Nov 2015 10:22 PM IST
विज्ञापन
P chidambram against congress government decision in high court.

आबकरी नीति पर फजीहत झेल रही उत्तराखंड कांग्रेस को बृहस्पतिवार को बड़ी विचित्र स्थिति का सामाना करना पड़ा। सरकार के खिलाफ दो शराब कंपनियों की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका की पैरवी खुद पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम ने की।

विज्ञापन


कंपनियों के पक्ष में आया फैसला
स्वागत के लिए पहुंच कांग्रेसियों को मालूम पड़ा कि चिदंबरम अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ पैरवी के लिए पहुंचे हैं तो कार्यकर्ता उनसे मिले बगैर ही चुपचाप लौट गए। यही नहीं चिंदबरम की पैरोकारी का ही दम है कि शराब कंपनियों को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई।
विज्ञापन


चिदंबरम बृहस्पतिवार को राज्य सरकार के खिलाफ निजी कंपनी यूनाईटेड स्प्रीट लिमिटेड व परनोड रिकार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका की पैरवी करने दिल्ली से हाईकोर्ट आए थे। चिदंबरम को इन कंपनियों ने हाईकोर्ट में पैरवी के लिए अपना वकील नियुक्त किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर, कांग्रेसियों को जानकारी मिली कि चिदंबरम नैनीताल में बार एसोसिएशन के किसी कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं तो वह उनसे मुलाकात करने चले गए। लेकिन हाईकोर्ट पहुंचने पर कांग्रेसियों को हकीकत पता चली तो उनके सामने मुंह छिपाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। वे बिना स्वागत किए ही वहां से चुपचाप खिसक लिए।

सच जानकर उलटे पांव लौटे स्वागत के लिए पहुंचे कांग्रेसी

P chidambram against congress government decision in high court.

इस संबंध में चिदंबरम से मुलाकात करने आए कांग्रेसियों से संपर्क साधा गया तो किसी ने भी अपना नाम उजागर करने से साफ मना कर दिया। एक कांग्रेसी नेता ने दबी जुबान से यहां तक कहा कि कंपनियों की पैरवी के लिए पार्टी के ही वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पी चिदंबरम यहां आए हैं पर उनका अपनी ही सरकार से लड़ना ठीक नहीं है।

इससे आने वाले चुनावों में प्रदेश सरकार को नुकसान हो सकता है। शायद यही वजह रही कि चिदंबरम हल्द्वानी से लेकर नैनीताल तक मीडिया से दूरी बनाए रहे और यहां तक कि उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को हूटर बजाने से भी मना कर दिया। एक होटल में टिके तो वहां भी किसी से मुलाकात नहीं कराने के निर्देश दिए थे।

बता दें कि प्रदेश सरकार ने इसी साल आबकारी नीति लागू कर मंडी परिषद शराब बेचने का अधिकार दिया है। इसी नीति के तहत हुए समझौते को लेकर कंपनियों ने सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed