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Dehradun News: सेवानिवृत्त कर्मियों का संगठन होगा पंजीकृत, उठाएंगे समस्याएं
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-ऑफिसर्स हॉस्टल में हुई समन्वय समिति की बैठक
पंजीकरण और आगामी रणनीति पर हुई चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अब उत्तराखंड सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति का पंजीकरण कराने के साथ ही समस्याएं प्रदेश स्तर पर उठाने का निर्णय लिया है।
बुधवार को ऑफिसर्स हॉस्टल में मुख्य संयोजक सुमन सिंह वल्दिया की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। बैठक में पेंशनर्स की लंबित समस्याओं, संगठन के पंजीकरण और आगामी आठवें वेतन आयोग के समक्ष रखी जाने वाली मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। गोल्डन कार्ड व्यवस्था में आ रही विसंगतियों पर गहरा रोष जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि बड़े अस्पतालों की ओर से अंशदान कटौती के बावजूद चिकित्सा सुविधा बंद करना और पिछले साल जून से लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान न होना गंभीर विषय है। समिति ने निर्णय लिया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
समिति ने मांग की कि एक जनवरी और एक जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को वर्ष 2006 से एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए। साथ ही, हिमाचल सरकार की तर्ज पर 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अतिरिक्त वेतनवृद्धि दी जाए। राशिकरण की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 साल आठ माह की जाए। इन मांगों को लेकर समिति शीघ्र ही सचिव वित्त दिलीप जावलकर से वार्ता करेगी।
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बैठक में आरपी पंत ने प्रस्तावित संगठन के संविधान को आवश्यक संशोधनों के साथ अनुमोदित किया। पंजीकरण प्रक्रिया के लिए पंत और बीडी जोशी को अधिकृत किया गया है। पंजीकरण शुल्क के लिए विभिन्न घटक संगठनों (पेयजल पेंशनर्स, विश्वविद्यालय पेंशनर्स, सचिवालय सेवानिवृत्त वेलफेयर और डिप्लोमा इंजीनियर फोरम) ने दो-दो हजार रुपये का अंशदान जमा किया है। अन्य संगठनों से शीघ्र सहयोग की अपील की गई है। देहरादून में आठवें वेतन आयोग की प्रस्तावित बैठक को देखते हुए समिति ने सभी सहयोगी संगठनों से 22 अप्रैल तक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए हैं ताकि एक व्यापक ज्ञापन तैयार किया जा सके।
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पंजीकरण और आगामी रणनीति पर हुई चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अब उत्तराखंड सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति का पंजीकरण कराने के साथ ही समस्याएं प्रदेश स्तर पर उठाने का निर्णय लिया है।
बुधवार को ऑफिसर्स हॉस्टल में मुख्य संयोजक सुमन सिंह वल्दिया की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। बैठक में पेंशनर्स की लंबित समस्याओं, संगठन के पंजीकरण और आगामी आठवें वेतन आयोग के समक्ष रखी जाने वाली मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। गोल्डन कार्ड व्यवस्था में आ रही विसंगतियों पर गहरा रोष जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि बड़े अस्पतालों की ओर से अंशदान कटौती के बावजूद चिकित्सा सुविधा बंद करना और पिछले साल जून से लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान न होना गंभीर विषय है। समिति ने निर्णय लिया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
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समिति ने मांग की कि एक जनवरी और एक जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को वर्ष 2006 से एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए। साथ ही, हिमाचल सरकार की तर्ज पर 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अतिरिक्त वेतनवृद्धि दी जाए। राशिकरण की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 साल आठ माह की जाए। इन मांगों को लेकर समिति शीघ्र ही सचिव वित्त दिलीप जावलकर से वार्ता करेगी।
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बैठक में आरपी पंत ने प्रस्तावित संगठन के संविधान को आवश्यक संशोधनों के साथ अनुमोदित किया। पंजीकरण प्रक्रिया के लिए पंत और बीडी जोशी को अधिकृत किया गया है। पंजीकरण शुल्क के लिए विभिन्न घटक संगठनों (पेयजल पेंशनर्स, विश्वविद्यालय पेंशनर्स, सचिवालय सेवानिवृत्त वेलफेयर और डिप्लोमा इंजीनियर फोरम) ने दो-दो हजार रुपये का अंशदान जमा किया है। अन्य संगठनों से शीघ्र सहयोग की अपील की गई है। देहरादून में आठवें वेतन आयोग की प्रस्तावित बैठक को देखते हुए समिति ने सभी सहयोगी संगठनों से 22 अप्रैल तक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए हैं ताकि एक व्यापक ज्ञापन तैयार किया जा सके।