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टैक्सी की ऑनलाइन बुकिंग पर लगी रोक
मनमीत रावत/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 03 Jan 2015 10:42 AM IST
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राज्य में पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से संभागीय परिवहन विभाग ने उत्तराखंड में टैक्सियों की ऑनलाइन बुकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब से किसी ट्रेवल एजेंसी ने पर्यटकों के लिए टैक्सी ऑनलाइन बुक की तो उसे जुर्माना भरना होगा। ऑनलाइन बुकिंग के लिए परिवहन मुख्यालय अपनी रेडियो टैक्सी योजना बनाने में जुटा है।
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दिल्ली और लखनऊ की योजना का अध्ययन कर संभवत: एक माह के भीतर राज्य की अपनी रेडियो टैक्सी योजना बन जाएगी। इसके बाद योजना के तहत परमिट हासिल करने वाली एजेंसी या एजेंट ऑनलाइन बुकिंग कर पाएंगे।
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लेखा-जोखा विभाग के पास नहीं होता
परिवहन विभाग का मानना है कि ऑनलाइन बुकिंग का लेखा-जोखा विभाग के पास नहीं होता। हो सकता है कि दून में दिल्ली की यूनियन की कोई टैक्सी ऑनलाइन बुकिंग उठा रही हो। इसका पता न परिवहन विभाग को होता है, न स्थानीय ट्रेवल एजेंसी को।
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ऐसे में पर्यटकों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। होटल संचालक भी ऑनलाइन बुकिंग के जरिए अपने मेहमानों को टैक्सी मुहैया कराते हैं। कई बार कार शहर के बाहर से आती है, जिसका लेखा-जोखा खुद होटल संचालक नहीं रखते। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया ऑनलाइन बुकिंग सिर्फ रेडियो टैक्सी की हो सकती है।
यूनियन और ट्रेवल एजेंट तभी बुकिंग कर सकते हैं, जब उनके पास रेडियो टैक्सी स्कीम का परमिट हो। यह परमिट फिलहाल उत्तराखंड में नहीं है। इसे लागू करने पर परिवहन मुख्यालय में काम शुरू है। अब तक दिल्ली, लखनऊ, आगरा जैसे शहरों में रेडियो टैक्सी परमिट है। इस परमिट की कार केवल जिलों के अंदर संचालित होती है। इन टैक्सी में जीपीएस होता है। इससे टैक्सी की गतिविधि के बारे में पुलिस और आरटीओ जानकारी पा सकता है।