{"_id":"653d58447f9db98cb407ff64","slug":"one-year-canal-and-irrigation-canals-damaged-crops-drying-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1031-276409-2023-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: एक साल नहर और सिंचाई गूलें क्षतिग्रस्त, सूख रही फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: एक साल नहर और सिंचाई गूलें क्षतिग्रस्त, सूख रही फसल
विज्ञापन
एक साल पहले अतिवृष्टि से हईया खेड़े में सिंचाई गूलों में पानी की आपूर्ति और आधा दर्जन पन चक्कियों को चलाने वाली नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक साल बाद भी नहरों की मरम्मत नहीं हो पाई है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल सूख रही है।
लोगों को गेंहू और अन्य अनाज पिसवाने में भी समस्या आ रही है। स्थानीय लोगों ने एसडीएम से क्षतिग्रस्त नहरों और गूलों की मरम्मत करवाने की मांग की है। पिछले साल 25 सितंबर की शाम को क्षेत्र में भारी अतिवृष्टि से हईया खेडे में कई किसानों की 30 बीघा कृषि भूमि बर्बाद हो गई थी। वहीं सिंचाई गूलें और आधा दर्जन से अधिक घराटों को चलाने वाली नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले एक साल से गूलों में पानी की आपूर्ति और घराट दोनों ही बंद पडे़ हैं। यहां ग्रामीणों की आजीविका खेती पर निर्भर है। लेकिन खेतों में सिंचाई न होने से फसलें सूख रही हैं।
फल की बुवाई तो कर दें पर सिंचाई की समस्या हो रही है। एक साल से सिंचाई गूलों की मरम्मत नहीं हुई है। पन चक्कियां भी बंद पड़ी है। हमारे पास सिंचाई का अन्य कोई साधन नहीं है। - विरेंद्र सिंह पंवार, स्थानीय ग्रामीण
विज्ञापन
लघु सिंचाई की गूलें क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसकी अभी तक मरम्मत नही की गई। इसके चलते वह खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे है। सिंचाई नहीं होगी तो फसल खराब हो जाएगी। - कृपाल सिंह पंवार, स्थानीय ग्रामीण
नहर क्षतिग्रस्त हो रखी है। पिछले एक साल से घराट बंद पड़े है। अनाज पिसवाने के लिए साहिया बाजार जाना पड़ रहा है, जो गांव से दूर है। बड़ी परेशानी हो रही है। - जयपाल सिंह पंवार, स्थानीय ग्रामीण
क्षेत्रीय पटवारी से पूरी रिपोर्ट मंगवाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र समस्या को हल करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
- हरिगिरि, एसडीएम, कालसी
विज्ञापन
लोगों को गेंहू और अन्य अनाज पिसवाने में भी समस्या आ रही है। स्थानीय लोगों ने एसडीएम से क्षतिग्रस्त नहरों और गूलों की मरम्मत करवाने की मांग की है। पिछले साल 25 सितंबर की शाम को क्षेत्र में भारी अतिवृष्टि से हईया खेडे में कई किसानों की 30 बीघा कृषि भूमि बर्बाद हो गई थी। वहीं सिंचाई गूलें और आधा दर्जन से अधिक घराटों को चलाने वाली नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले एक साल से गूलों में पानी की आपूर्ति और घराट दोनों ही बंद पडे़ हैं। यहां ग्रामीणों की आजीविका खेती पर निर्भर है। लेकिन खेतों में सिंचाई न होने से फसलें सूख रही हैं।
विज्ञापन
फल की बुवाई तो कर दें पर सिंचाई की समस्या हो रही है। एक साल से सिंचाई गूलों की मरम्मत नहीं हुई है। पन चक्कियां भी बंद पड़ी है। हमारे पास सिंचाई का अन्य कोई साधन नहीं है। - विरेंद्र सिंह पंवार, स्थानीय ग्रामीण
विज्ञापन
लघु सिंचाई की गूलें क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसकी अभी तक मरम्मत नही की गई। इसके चलते वह खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे है। सिंचाई नहीं होगी तो फसल खराब हो जाएगी। - कृपाल सिंह पंवार, स्थानीय ग्रामीण
नहर क्षतिग्रस्त हो रखी है। पिछले एक साल से घराट बंद पड़े है। अनाज पिसवाने के लिए साहिया बाजार जाना पड़ रहा है, जो गांव से दूर है। बड़ी परेशानी हो रही है। - जयपाल सिंह पंवार, स्थानीय ग्रामीण
क्षेत्रीय पटवारी से पूरी रिपोर्ट मंगवाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र समस्या को हल करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
- हरिगिरि, एसडीएम, कालसी