उत्तराखंड : नए साल के पहले दिन प्रदेश में ओमिक्रॉन के चार संक्रमित मिले, कुल मरीजों की संख्या हुई आठ
पहले सामने आए चार मरीज ठीक हो चुके हैं। इसलिए राज्य में अभी ओमिक्रॉन के केवल चार मरीज ही सक्रिय हैं।
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नए साल के पहले दिन उत्तराखंड में ओमिक्रॉन के चार और मामले मिले हैं। जिसमें तीन देहरादून और एक युवक गुजरात का रहने वाला है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में कोविड सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन के आठ मामले मिल चुके हैं।
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उत्तराखंड में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक देहरादून निवासी 28 वर्षीय युवक 17 दिसंबर को गुरुग्राम से देहरादून आया था। कोविड के कोई लक्ष्य न होने पर होम आईसोलेशन में 21 दिसंबर को युवक का कोविड जांच के लिए सैंपल लिया गया। जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया था। उसी दिन कोविड सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कालेज भेजा गया था। जिसमें ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है।
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वहीं, देहरादून के त्यागी रोड निवासी 23 वर्षीय युवक भी 21 दिसंबर को गुरुग्राम से आया था। 24 दिसंबर को होम आईसोलेशन में रहते हुए युवक का कोविड सैंपल लिया गया। जिसमें संक्रमित पाया गया। जीनोम सीक्वेंसिंग में ओमिक्रॉन पॉजिटिव पाया गया।
त्यागी रोड निवासी 15 वर्षीय युवती भी कोविड संक्रमित के संपर्क में आने से ओमिक्रॉन वैरिएंट से ग्रसित पाई है। जबकि गुजरात के अहमदाबाद निवासी 27 वर्षीय युवक 21 दिसंबर को ऋषिकेश आया था। 23 दिसंबर को युवक का सैंपल कोविड जांच के लिए लिया गया, लेकिन 24 दिसंबर को युवक वापस अहमदाबाद लौट गया था। लेकिन कोविड जांच में युवक संक्रमित पाया गया। जीनोम सीक्वेंसिंग जांच में युवक में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने युवक के ओमिक्रॉन से ग्रसित होने से गुजरात सरकार को भी सूचित कर दिया है।
प्रदेश में चार और लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है। जिसमें एक युवक गुजरात के अहमदाबाद का है। राज्य में ओमिक्रॉन की रोकथाम व बचाव के लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जो भी लोग कोविड संक्रमित के संपर्क में आता है, वह कोविड जांच जरूर कराएं। साथ ही कोविड अनुरूप व्यवहार का अनुपालन अनिवार्य रूप से करें।
- डॉ. तृप्ति बहुगुणा, स्वास्थ्य महानिदेशक