चारधाम समेत अब इन 13 धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा कर सकेंगे बुजुर्ग, सरकार ने तैयार की नई योजना
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धार्मिक यात्रा करने के लिए अब बुजुर्गों को परेशानी नहीं होगी। सरकार ने उत्तराखंड के वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ नि:शुल्क तीर्थाटन योजना का दायरा बढ़ा दिया है।
अब नौ अन्य धार्मिक स्थलों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर संचालित होने वाली इस योजना में अब राज्य के वरिष्ठ नागरिक 13 धार्मिक स्थलों की निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। पहले, सिर्फ बद्रीनाथ, गंगोत्री, नानकमता और रीठा साहिब की ही यात्रा इस योजना के अंतर्गत कराई जा रही थी।
इस योजना में कलियर शरीफ (हरिद्वार), ताड़केश्वर (पौड़ी), कालीमठ (रूद्रप्रयाग), जागेश्वर (अल्मोड़ा), गैराड़ गोलू (बागेश्वर), गंगोलीहाट (पिथौरागढ़), महासू देवता हनोल (देहरादून), कालिंका (पौड़ी गढ़वाल), ज्वाल्पा (पौड़ी गढ़वाल) को भी शामिल कर लिया गया है।
योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के वरिष्ठ नागरिक जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालयों में पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठा सकेंगे। पंजीकरण ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किए जाएंगे।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् के अध्यक्ष और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य के जो वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य तथा मौसम संबंधी कारणों के चलते अत्यधिक ऊंचे स्थानों की यात्रा नहीं कर पाते हैं, वे भी अब इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत सभी धर्मों के पवित्र स्थलों को सम्मिलित किया है, ताकि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिक बगैर किसी का सहारा लिए तीर्थ यात्रा के अपने सपने को साकार कर सकें। उन्होंने कहा कि नए स्थानों को योजना में शामिल करने से उन्हें पर्यटक मानचित्र में स्थान मिलेगा साथ ही स्थानीय व्यवसायियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।