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आपदा:: संसाधनों का रोना नहीं रो सकेंगे विभाग, डीएम ने लिए प्रमाणपत्र
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आपदा के बाद आने वाली दिक्कतों को दूर करने में यदि कोई देरी हुई तो विभाग अब संसाधनों का रोना नहीं रो पाएंगे। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग आदि से पहले ही इस संबंध में प्रमाणपत्र मांग लिए हैं। इनमें विभागों ने किसी भी समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन होने का दावा किया है। यदि उस दौरान कोई बहाना किया तो संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने पिछले दिनों आपदा से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरान पिछले वर्षों की रिपोर्ट भी डीएम के सामने रखी गई थी। उस दौरान पता चला था कि कई प्रकार की समस्याओं को हल करने में वक्त सिर्फ इस लिया लगा क्योंकि विभागों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। अब जब जिलाधिकारी ने संसाधनों की स्थिति को जाना तो ज्यादातर ने पर्याप्त संसाधन होने की हामी भरी। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों से प्रमाणपत्र मांगे। इसमें जल संस्थान और बिजली विभाग को प्राथमिकता पर रखा है। इन्हीं विभागों के पास पाईप, खंभों, तारों आदि का टोटा रहता था। लेकिन, अब इन्होंने खुद के पास पर्याप्त साजो सामान होने का दावा किया है।
इन्होंने दिए प्रमाणपत्र
विद्युत विभाग- केंद्रीय, दक्षिण, रायपुर, उत्तर, डोईवाला, मोहनपुर, ऋषिकेश विद्युत वितरण खंड।
जल संस्थान- अनुरक्षण खंड, उत्तर, रायपुर, दक्षिण और मसूरी।
बहाना किया तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या, क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने में देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाधिकारी सी रविशंकर ने पिछले दिनों आपदा से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरान पिछले वर्षों की रिपोर्ट भी डीएम के सामने रखी गई थी। उस दौरान पता चला था कि कई प्रकार की समस्याओं को हल करने में वक्त सिर्फ इस लिया लगा क्योंकि विभागों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। अब जब जिलाधिकारी ने संसाधनों की स्थिति को जाना तो ज्यादातर ने पर्याप्त संसाधन होने की हामी भरी। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों से प्रमाणपत्र मांगे। इसमें जल संस्थान और बिजली विभाग को प्राथमिकता पर रखा है। इन्हीं विभागों के पास पाईप, खंभों, तारों आदि का टोटा रहता था। लेकिन, अब इन्होंने खुद के पास पर्याप्त साजो सामान होने का दावा किया है।
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इन्होंने दिए प्रमाणपत्र
विद्युत विभाग- केंद्रीय, दक्षिण, रायपुर, उत्तर, डोईवाला, मोहनपुर, ऋषिकेश विद्युत वितरण खंड।
जल संस्थान- अनुरक्षण खंड, उत्तर, रायपुर, दक्षिण और मसूरी।
बहाना किया तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या, क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने में देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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