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देहरादून: फंडिंग नहीं, आंदोलन के लिए जमा हो रहा था बैंक खाते में पैसा

Thu, 16 Feb 2023 01:19 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 16 Feb 2023 01:19 AM IST
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No funding-deposited-account-movement
बेरोजगारों के आंदोलन को फंडिंग के मामले में पुलिस के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। जिस बैंक खाते से फंडिंग होना बताया जा रहा था, उससे किसी को पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ है। बल्कि, इस खाते में आंदोलन के लिए पैसा जमा किया जा रहा था। जिस समय पुलिस ने खाते को फ्रीज कराया, इसमें कुल 40 हजार रुपये ही थे। हालांकि, पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
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पुलिस ने दावा किया था कि आंदोलन में उपद्रवियों को किसी ने फंडिंग की है। जिस खाते से फंडिंग हो रही थी उसे फ्रीज करा दिया गया है। लेकिन, सूत्रों के अनुसार यह खाता बिजनौर के एक छात्र का है। एसबीआई की नेशविला रोड ब्रांच के इस खाते के यूपीआई कोड को सोशल मीडिया के कई ग्रुप पर शेयर किया जा रहा था। इसमें कुछ लोगों ने पैसे जमा भी कराए थे। युवक के एक करीबी के अनुसार इस खाते में वह आंदोलन के लिए पैसा इकट्ठा कर रहा था ताकि मुकदमे लड़ने में आंदोलनकारियों की मदद की जा सके। इससे किसी को फंडिंग नहीं की गई है। युवक के करीबी की यह बात अगर सच है तो पुलिस की फंडिंग वाली थ्योरी गलत साबित होती दिखाई दे रही है।
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ग्रुप के मैसेज से संदिग्ध लगा खाता
जिस ग्रुप पर इस खाते का क्यूआर कोड वायरल हुआ है, उसका नाम यूकेपीएससी रिफार्म है। इस पर मैसेज लिखा गया था कि आंदोलन के लिए वित्तीय सहयोग करें, यही मौका है। इस मैसेज से ही पुलिस को यह खाता संदिग्ध लगा और इसे आननफानन फ्रीज करा दिया गया। लेकिन, अभी तक यह बात सिद्ध नहीं हो पाई है कि खाते से पैसा किसे भेजा गया है।
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हमारा युवक से कोई संबंध नहीं : महासंघ
फंडिंग की बात पर महासंघ के उपाध्यक्ष राम कंडवाल का कहना है कि उनके आंदोलन को कहीं से फंडिंग नहीं हुई थी। सरकार इसकी जांच करा सकती है। जहां तक पैसे इकट्ठा करने वाले युवक की बात है तो उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ का कोई भी सदस्य उसे नहीं जानता है। उसने ये ग्रुप क्यों बनाया और किसके कहने पर बनाया, ये भी जानकारी महासंघ को नहीं है। कंडवाल ने बताया कि उन्होंने किसी से कोई मदद नहीं मांगी है।
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बैंक खाते की अभी पुलिस जांच कर रही है। कहां से पैसा आया, क्यों आया, यह सब जांच के बाद ही कहा जा सकता है। -दलीप सिंह कुंवर, एसएसपी
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