नींव के पत्थर से एक इंच आगे नहीं बढ़ा स्टेट वॉर मेमोरियल
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उत्तराखंड के शहीदों की याद में बनने वाले स्टेट वॉर मेमोरियल पर सियासी प्रतिस्पर्धा में भले भाजपा ने कांग्रेस से बाजी मार ली, लेकिन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के नींव के पत्थर रखने के बाद से मामला आगे नहीं बढ़ पाया। प्रदेश में दो माह तक चले सियासी संकट के संक्रमण काल में भाजपा ने देहरादून के चीड़ बाग स्थित प्रस्तावित स्थल पर कांग्रेस को नदारद रख शिलान्यास कर फौजियों को गौरवान्वित होने का मौका दिया।
इससे हर शौर्य दिवस पर वॉर मेमोरियल का उठने वाला मुद्दा तो थमा, लेकिन नींव के बाद तेजी से निर्मित होने के दावे अभी डीपीआर की मंजूरी के स्तर पर लटके हैं। बोर्ड के भेजे प्रस्ताव पर जब तक मुहर नहीं लगेगी निर्माण के लिए बजट का प्रावधान नहीं होगा।
वॉर मेमोरियल पर भाजपा की सियासी चतुराई से चित्त कांग्रेस के लिए बस यही राहत है कि अब गेंद केंद्र के पाले में है। रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने इसी साल 29 अप्रैल को भाजपा के मेगा शो के बीच वॉर मेमोरियल की नींव रखी। उस दौरान प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू था। कार्यक्रम में पूर्व सरकार के किसी प्रतिनिधि या शासन से अधिकारी तक को नहीं आमंत्रित किया गया।
10 मई को फ्लोर टेस्ट जीत कर रावत सरकार फिर सत्ता में आई तो रक्षा मंत्रालय के स्तर से वॉर मेमोरियल के आयोजन को लेकर पूछताछ हुई कि शिलान्यास समारोह में सीएम को आमंत्रित किया था। वॉर मेमोरियल का मुद्दा वर्ष 2009 से चल रहा है, जिस पर पहले भाजपा की राज्य सरकार फिर कांग्रेस सरकार ने कई वादे किए। कई समितियां बनीं, बजट की घोषणाएं र्हुइं, लेकिन सरकारें भूमि तलाश नहीं पाई।
छावनी परिषद ने भेज दी है डीपीआर
केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद सांसद तरुण विजय ने अपने स्तर से प्रयास कर भूमि चिह्नित करवाई, जिस पर शिलान्यास हुआ। इसके बाद भाजपा ने इसका श्रेय लेने का मौका भी नहीं छोड़ा। राज्य सरकार के भरसक प्रयासों के बीच केंद्र ने बाजी भाजपा के पक्ष में कर दी, अब स्मारक का निर्माण छावनी परिषद देहरादून को करवाना है, जिसके लिए परिषद ने डीपीआर तैयार कर भेजी है।
मुख्य अधिशासी अधिकारी कैंट बोर्ड सुब्रत पाल ने बताया कि डीपीआर पर अभी मंजूरी नहीं मिली। ऐसे में स्टेट वॉर मेमोरियल के निर्माण में अगर देरी हुई तो अरसे से चला आ रहा निर्माण का मुद्दा फिर सियासी रंग ले सकता है।
एक एकड़ भूमि कम न पड़ जाए
शौर्य स्थल निर्माण के लिए सेना ने चीड़ बाग में एक एकड़ भूमि छावनी परिषद को दी है जो तैयार किए डिजाइन और विकसित की जाने वाली अन्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त नहीं रहेगी। सेना के चीड़बाग स्थित म्यूजिकल पार्क में 15 एकड़ बी 4 श्रेणी की भूमि से छावनी परिषद को एक एकड़ मिली है, जबकि प्रस्ताव 6 एकड़ भूमि का भेजा गया था। ऐसे में शौर्य स्थल के साथ म्यूजियम और सोविनेयर सेंटर आदि विकसित करने में भूमि की कमी आड़े आएगी। ऐसी स्थिति को देखते हुए मौैजूदा एक एकड़ में सिर्फ मेमोरियल ही बन पाएगा।