उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एनआईटी मामले में केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब, दिया दो सप्ताह का वक्त
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने श्रीनगर (गढ़वाल) स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मामले में राज्य सरकार, केंद्र सरकार और एनआईटी को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
एनआईटी के पूर्व छात्र जसवीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि स्थापना के नौ साल बाद भी यहां स्थायी कैंपस का निर्माण नहीं किया गया है। छात्र लगातार स्थायी कैंपस की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार इसे अनसुना कर रही है।
जिस भवन में एनआईटी संचालित है, वह काफी जर्जर है
याचिका में कहा गया कि जिस भवन में एनआईटी संचालित है, वह काफी जर्जर हालत में है। वहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। याचिका में मांग की गई कि या तो एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण किया जाए या संस्थान को वहां शिफ्ट किया जाए, जहां एनआईटी स्तर की सुविधाएं हों।
याचिका में बताया गया कि स्थायी कैंपस की मांग कर रही एक छात्रा की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, जबकि दूसरी गंभीर है। याची ने मांग की कि गंभीर रूप से घायल छात्रा के उपचार का खर्च राज्य सरकार और एनआईटी वहन करें।