जहां निर्भया ने सहेलियों संग बिताए थे खुशी के पल, वहां आज भी इस तरह से जिंदा हैं उसकी यादें
छह साल पहले दिल्ली में दरिंदगी का शिकार हुई निर्भया की यादें उनके दून स्थित इंस्टीट्यूट में आज भी जिंदा हैं। संस्थान ने इस बिटिया के नाम से तीन योजनाएं शुरू की हुई हैं।
छात्राओं का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से ही निर्भया की यांदे आज भी उनके बीच जिंदा है। इसके अलावा हर साल 16 दिसंबर को निर्भया की आत्मा की शांति के लिए सभी छात्र-छात्राएं एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं।
16 दिसंबर की रात दिल्ली में जिस निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी, वह दून के एक संस्थान में पढ़ती थी। अचानक हुई इस दरिंदगी से पूरा संस्थान प्रशासन भी भौचक्का रह गया था। महीनों तक निर्भया के शिक्षकों से लेकर साथी छात्र-छात्राएं भी सदमे में रहे थे।
बहादुर बिटिया की मौत के बाद संस्थान ने निर्भया के नाम से तीन योजनाएं शुरू की थी। संस्थान के एडमिन ऑफिसर अरविंद सिंह ने बताया कि निर्भया छात्रवृत्ति योजना के तहत 17 छात्राओं को हर साल स्कॉलरशिप दी जाती है।
इसके अलावा एक निर्भया फंड बनाया गया है, जिसमें करीब 1.5 लाख रुपये जमा है। अगर किसी छात्रा को अचानक कोई बीमारी, चोट या कोई हादसा हो जाता है तो इस फंड से उसका इलाज कराया जाता है।
इसके साथ ही संस्थान में निर्भया सम्मान प्रतियोगिता आयोजित की जाती है, जिसमें विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। अरविंद सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी 16 दिसंबर को संस्थान में निर्भया की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी।