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Dehradun: नई शिक्षा नीति-2020; अपने मनपसंद विषयों का चयन कर सकेंगे छात्र, नए पाठ्यक्रम भी होंगे शुरू
Wed, 10 Sep 2025 02:48 PM IST
रेनू सकलानी
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:48 PM IST
सार
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कहा कि एनईपी-2020 के तहत प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को अपनी पसंद के विषयों को पढ़ने की छूट रहेगी। मल्टीपल एंट्री व एक्जिट का भी अवसर मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : freepik
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विस्तार
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के छात्र-छात्राओं के पास अपनी मनपसंद के विषय चयन करने का विकल्प रहेगा। उन्हें मल्टीपल एंट्री व एक्जिट का भी अवसर मिलेगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय स्थित सभागार में नई शिक्षा नीति-2020 के तहत गठित टास्क फोर्स की बैठक हुई।
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बैठक में नई शिक्षा नीति-2020 के तहत कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। डॉ.रावत ने कहा कि एनईपी-2020 के तहत प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को अपनी पसंद के विषयों को पढ़ने की छूट रहेगी। मल्टीपल एंट्री व एक्जिट का भी अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी प्रकार की शिक्षा से जुड़े संस्थानों को नेशनन क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत पाठ्यक्रम तैयार कर लागू करने को कहा।
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डॉ.रावत ने कहा कि मौजूदा आवश्यकताओं के मद्देनजर छात्रों को तकनीकी ज्ञान संबंधी पाठ्यक्रम ईवी तकनीकी, आईओटी, एसआई, डाटा एनालिसिस, इमर्जिंग टेक व एंटरप्रेन्योरशिप व न्यू वेन्चर क्रिएशन आदि को शामिल करना होगा। दूसरी ओर, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित ज्योतिष विज्ञान, आयुष विज्ञान, योग विज्ञान, वास्तु विज्ञान, कृषि, वानिकी एवं औद्यानिकी को भी पाठ्यक्रम में शामिल करना होगा।
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नोडल विभाग उच्च शिक्षा ने एनईपी-2020 को लेकर नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क एवं पाठ्यक्रम सुधार, बहुविषयक विकल्प, कौशल संवर्धन, डिजिटल इनिशिएटिव, ग्रेडेड ऑटोनॉमी, मल्टीपल ऑटोनॉमी, मल्टीपल एंट्री-एक्जिट, अकादमिक शोध, गुणवत्ता एवं प्रशिक्षण, भारतीय ज्ञान व्यवस्था, एकेडमिया-इंडस्ट्री सहयोग, ओपन डिस्टेंस लर्निंग आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया।