नवप्रभात और राजेंद्र को 'ताज' देने से कई होंगे नाराज
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संकट काल में साथ खड़े विधायकों में से आधा दर्जन से अधिक प्रबल दावेदारों के बीच दो को कैबिनेट मंत्री का ताज पहनाने से कई विधायक सीएम हरीश रावत से नाराज हो सकते हैं। मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से दूसरे दावेदार विधायकों हीरा सिंह बिष्ट, अनसूया प्रसाद, जीतराम, गणेश गोदियाल, ममता राकेश आदि की नाराजगी कोई न कोई गुल जरूर लाएगी।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व न पाने वाले जनपदों में पनपने वाला अंसतोष अगर चुनाव में भाजपा और बसपा को भी फायदा दे जाए तो अचरज नहीं। वैसे तो सीएम हरीश रावत ने सियासी समीकरणों के लिहाज से सही चाल चली है। दरअसल, कुमाऊं के हिस्से राज्यसभा सांसद आने के बाद अब दो मंत्रियों को गढ़वाल से बनाकर सियासी संतुलन बैठाने का दांव हरीश रावत चल रहे हैँ।
नौ बागी विधायकों के बाहर होने से कांग्रेस के सामने चेहरों की कमी हो गई है। मंत्रिमंडल में दी जा रही सियासी समीकरणों का गुणा भाग जरा सा भी गलत बैठा तो दांव उलटा भी पड़ सकता है। नवप्रभात के मंत्री बनने से उपचुनाव जीतकर आए डोईवाला विधायक हीरा सिंह बिष्ट नाराज हो सकते हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले नजर आ जाएंगे नतीजे
नवप्रभात के मंत्री बनने से दून के तीन विधायक मंत्रिमंडल का हिस्सा बन जाएंगे। इसका नुकसान कांग्रेस को हरिद्वार में उठाना पड़ सकता है। सर्वाधिक 11 विधानसभा सीटों वाले हरिद्वार जनपद में मंत्री बनने के प्रबल दावेदारों में पूर्व मंत्री सुरेंद्र राकेश की पत्नी और भगवानपुर आरक्षित सीट से विधायक ममता राकेश और पिरान कलियर विधानसभा से अल्पसंख्यक चेहरा फुरकान अहमद शामिल रहे हैं।
हरिद्वार से कोई मंत्री नहीं होने से कांग्रेस को वहां दलित और अल्पसंख्यक कार्यकर्ता की नाराजगी का खामियाजा विधानसभा चुनाव में हो सकता है। जिसका फायदा भाजपा के साथ बसपा को मिलेगा। उधर, बद्रीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी को मंत्रिमंडल में जगह देकर हरीश रावत ने जातीय समीकरणों के साथ सतपाल महाराज के करीबियों को तोड़ने का दांव खेला है।
हालांकि भंडारी के मंत्री बनने से जनपद चमोली से कर्णप्रयाग विधायक डा. अनसूया प्रसाद मैखूरी और थराली विधायक जीतरात की नाराजगी झेलनी पड़ेगी। इसके साथ श्रीनगर विधायक गणेश गोदियाल की उम्मीद भी टूटेगी। ऐसे में गढ़वाल के जिन समीकरणों को सीएम मंत्रिमंडल विस्तार से साधने की कोशिश कर रहे हैं उसके नतीजे विधानसभा चुनाव से पहले नजर आ जाएंगे।