फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   National Park fencing construction scam Uttarkashi Purola FIR of corruption is not being filed under pressure

Uttarakhand: पुरोला राष्ट्रीय पार्क घेरबाड़ निर्माण घोटाला...15 दिन बाद भी नहीं हुई एफआईआर दर्ज, उठे सवाल

Sat, 28 Oct 2023 03:31 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 28 Oct 2023 03:31 PM IST
सार

र्क की उप निदेशक के निर्देश पर सुपिन रेंज कार्यालय की ओर से 12 अक्तूबर को थाना मोरी में ठेकेदार  के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर तहरीर दी गई थी। सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर 8.23 लाख रुपये रुपये का गबन किया गया है।

विज्ञापन
National Park fencing construction scam Uttarkashi Purola FIR of corruption is not being filed under pressure
मीटिंग ( प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तरकाशी के पुरोला में स्थित गोविंद वन्य जीव विहार एवं राष्ट्रीय पार्क पुरोला की सुपिन रेंज में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम योजना के तहत घेरबाड़ निर्माण घोटाले में 15 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। इस मामले में आरोपी ठेकेदार पर 8.23 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है।

विज्ञापन


चर्चा है कि राजनीतिक दबाव के चलते मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में पार्क की उप निदेशक डॉ. अभिलाषा सिंह के निर्देश पर सुपिन रेंज कार्यालय की ओर से 12 अक्तूबर को थाना मोरी में ठेकेदार शंकर सिंह राणा निवासी कासल, फिताड़ी तहसील मोरी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर तहरीर दी गई थी।
विज्ञापन


आरोप है कि वर्ष 2021 में सुपिन रेंज नैटवाड़ के तहत मनोरा कक्ष संख्या-2 में जंगली जानवरों से मानव एवं फसल सुरक्षा के लिहाज से तारबाड़ एवं सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए ठेकेदार की ओर 8.23 लाख रुपये रुपये का गबन किया गया है। इस मामले में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ ही वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग ने मोरी थाने में दी तहरीर
क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा है कि सत्ता पक्ष के एक राजनीतिक व्यक्ति की ओर से अधिकारियों पर मामले को रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से ही जांच कराई गई थी। इसके बाद वन विभाग ने मोरी थाने में तहरीर दी है। लेकिन 15 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

ये भी पढ़ें...Chandra Grahan 2023: इन पांच राशियों के लिए फायदेमंद साबित होगा चंद्र ग्रहण, कुछ देशों के लिए नहीं अच्छे संकेत

इस मामले में वन विभाग की ओर से जो प्राथमिकी मिली है, उसमें आधी-अधूरी जानकारी है। इसलिए उनसे प्रकरण से संबंधित पूरी जानकारी मांगी गई है। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - अर्पण यदुवंशी, एसपी उत्तरकाशी

ठेकेदार से वसूली से संबंधी पत्र वन विभाग की ओर से प्राप्त हुआ था। इसका परीक्षण कराए जाने के बाद संबंधित तहसील को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। - अभिषेक रूहेला, जिलाधिकारी उत्तरकाशी

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed