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अस्तित्व में आई नंदप्रयाग तहसील
ब्यूरो / अमर उजाला, नंदप्रयाग (चमोली)
Updated Sun, 13 Nov 2016 10:49 AM IST
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हरीश रावत
- फोटो : Self
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को चमोली की बारहवीं तहसील नंदप्रयाग का उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि चमोली को पर्वतीय जिलों का मॉडल जिला बनाया जाएगा। गांवों में मांगल गीत गाने वाली महिलाओं को भी राज्य सरकार पेंशन देने जा रही है।
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शनिवार को सीएम हरीश रावत नंदप्रयाग तहसील के उद्घाटन समारोह में पहुंचे। उन्होंने स्व. रामप्रसाद बहुगुणा की पत्नी सुशीला भंडारी और पुत्र समीर बहुगुणा का माल्यार्पण कर शॉल भेंट किया। उन्होंने कहा कि नंदप्रयाग तहसील की स्थापना से ग्रामीणों के सपनों को अब पंख लगेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य गांवों का विकास करना है।
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उन्होंने कहा कि स्वयं के खेतों में काम करने वाले महिला-पुरुषों को मनरेगा श्रमिक के रूप में मजदूरी दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषित बच्चों को अब पोषाहार के साथ ही दूध भी उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम ने सामूहिक खेती पर जोर दिया। कहा कि सरकार जल्द अपनी भूमि लीज पर देने का कानून ला रही है।
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इससे राज्य में कृषि विकास की योजना बलवती हो सकेगी। इस मौके पर कृषि मंत्री राजेंद्र भंडारी, नंदाकिनी संघर्ष समिति के संरक्षक अयाजुद्दीन सिद्दकी, नंदाकिनी संघर्ष समिति के अध्यक्ष जीआर मुनियाल, प्रधान संगठन के प्रदेश प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी, जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, दर्शन सिंह नेगी, नरेंद्र सिंह कठैत, जगदीश सती, विक्रम नेगी, गुड्डू राजा आदि मौजूद थे।
ग्राम पंचायतों को यथावत रखने की मांग
ग्राम पंचायत मेड़-ठेली, सरतोली, मैठाणा और पलेठी के ग्रामीणों ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर उनकी ग्राम पंचायतों को चमोली तहसील में यथावत रखने की मांग की। जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, प्रधान सुरेंद्र रावत, बेलमती देवी, विजेंद्र बिष्ट और दीपेंद्र फर्स्तवाण ने कहा कि चमोली तहसील तीन किमी की दूरी पर है, जबकि नंदप्रयाग तहसील तक आने के लिए उन्हें पंद्रह किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी।