खुल गया ISBT में इंसानी हड्डियां मिलने का राज, जांच में हुआ बड़ा खुलासा
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आईएसबीटी की जमीन में खुदाई के दौरान मिले कंकाल के मामले में फारेंसिक जांच के बाद पर्दा उठ गया है। जांच में पता चला है कि कंकाल 100 साल पुराना नहीं बल्कि एक साल पुराना था और खोपड़ी महिला की थी।
कुछ हड्डियों की जांच से पता चला है कि कंकाल आदमियों के भी हो सकते हैं। कुछ छोटी हड्डियों की पहचान नहीं हो सकी है। कंकाल जांच अधिकारी को डीएनए जांच के लिए सौंप दिए गए हैं।
आईएसबीटी की जमीन में खुदाई के दौरान कब्र मिलने से हड़कंप मचा था। कहा जा रहा था कि कब्र बहुत पुरानी हैं। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
आईएसबीटी में मिले कंकाल, खोपड़ी और हड्डियों को जांच के लिए राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के फारेंसिक विभाग में भेजा गया था। फारेंसिक विभाग में कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, डॉ. अटल और एनाटामी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देपा देउपा ने जांच की।
20 से 25 वर्ष के बीच है महिला की खोपड़ी
डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि खोपड़ी महिला की है और आयु लगभग 20 से 25 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ हड्डियां छोटी होने के कारण जांच नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि कुछ कंकाल पुरुषों के भी हो सकते हैं।
कंकाल बहुत ज्यादा पुराने नहीं है। कंकाल एक वर्ष पुराने ही लग रहे हैं। डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि कंकाल, खोपड़ी और हड्डियों की डीएनए जांच के लिए जांच अधिकारी को सौंप दिए गए हैं। जांच की रिपोर्ट भी शासन को जल्द भेज दी जाएगी।
काठगोदाम थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि उनको मेडिकल कालेज के प्राचार्य की रिपोर्ट मिल चुकी है। इस मामले में आगे जांच कराने के संदर्भ में पुलिस के उच्चाधिकारियों की सलाह ली जाएगी। अस्थि पर कोई दावा करने वाला आगे नहीं आया है। डीएनए किससे मैच कराया जाएगा, इस मामले में उच्चाधिकारी निर्णय करेंगे।