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उत्तराखंड: सांसद बंसल ने सदन में उठाया एम्स विस्तारीकरण का मुद्दा, निजी अस्पतालों में महंगे इलाज पर किए सवाल

Fri, 06 Dec 2024 11:06 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, ऋषिकेश/ देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, ऋषिकेश/ देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 06 Dec 2024 11:06 AM IST
सार

राज्यसभा में सांसद नरेश बंसल ने निजी अस्पतालों में महंगे इलाज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में इलाज की दरें तय की जानी चाहिए।

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MP Naresh Bansal raised issue of expansion of AIIMS and expensive treatment in private hospitals in the House
भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डाॅ. नरेश बंसल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डाॅ. नरेश बंसल ने बृहस्पतिवार को संसदीय कार्रवाई में भाग लेते हुए एम्स ऋषिकेश के विस्तारीकरण का मुद्दा उठाया है। सदन में प्रश्नकाल के दौरान सांसद डाॅ. नरेश बंसल ने ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

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अस्पताल का विस्तारीकरण नहीं होने के कारण बेडों की संख्या कम पड़ रही है। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश में न केवल उत्तराखंड, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज कराने पहुंचते हैं। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने व समस्या का शीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया है। 
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निजी अस्पतालों में महंगे इलाज का मुद्दा उठाया
वहीं उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने संसद में स्पेशल मेंशन के दौरान निजी अस्पतालों में महंगे इलाज का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से निजी अस्पतालों में इलाज की युक्तिसंगत दरों की नीति बनाने की मांग की।

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उन्होंने कहा, आमजन के लिए निजी अस्पतालों में इलाज बहुत महंगा है। सरकार ने उनके लिए सीजीएचएस की तरह दरें निर्धारित नहीं की हैं। देश में निजी क्षेत्र के अस्पतालों के इलाज की दरों में घोर असमानता है। निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के एवज में बीमार व्यक्ति को भारी-भरकम राशि चुकानी पड़ती है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। इसका मुख्य कारण निजी अस्पताल की दरों पर कोई नियंत्रण न होना है। पॉलिसी के अभाव में जनता इलाज के लिए मनमानी राशि देने को मजबूर है।





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सवाल किया कि जब छोटी-छोटी मेडिक्लेम कंपनियां निजी अस्पतालों से समझौता करके सस्ती दरों पर इलाज करा सकती हैं तो सरकार क्यों निजी अस्पतालों के लिए दर तय नहीं करती? उन्होंने सरकार से निजी अस्पतालों में इलाज के लिए विभिन्न उपचार और प्रक्रियाओं समेत सभी चीजों की दरें तय करने की मांग की।

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