तेंदुए के मुंह से बेटी को छुड़ा लाई मां, पढ़िए इस मर्दानी के संघर्ष की कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटी पर तेंदुए को हमला करते देख मां ने जो हौंसला दिखया, उसे पढ़कर आप भी सलाम करेंगे। अंत तक संघर्ष कर मां बेटी को मौत के मुंह से छुड़ा लाई। पढ़िए इस मां के संघर्ष की कहानी...
भैंसियाछाना ब्लॉक के दूरस्थ गांव बमन तिलाड़ी में घात लगाए तेंदुए ने खेत में काम कर रही एक छात्रा पर हमला कर दिया। बेटी की जान सांसत में देख पास में काम कर रही मां ने दरांती से तेंदुए पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दरांती के वार से सकते में आया तेंदुआ किशोरी को गंभीर हालत में छोड़कर भाग निकला। घायल बालिका को अल्मोड़ा बेस अस्पताल ले जाया जा रहा है।
बमन तिलाड़ी गांव के उमेश चंद्र भट्ट की बेटी और जीजीआईसी बाड़ेछीना में इंटर की छात्रा नमिता बृहस्पतिवार को अपनी मां जानकी देवी के साथ खेतों में काम कर रही थी। इस दौरान घात लगाए तेंदुए ने अचानक नमिता पर हमला कर दिया। मां ने जब यह मंजर देखा तो वह शोर मचाते हुए तेंदुए पर टूट पड़ी।
सड़क होते हुए भी छह किमी दूर अस्पताल तक डोली में आई नमिता
उसने दरांती से तेंदुए पर वार किए। हमले से घबरा कर तेंदुआ भाग खड़ा हुआ। बाद में ग्रामीणों की मदद से घायल छात्रा को बाड़ेछीना स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक नमिता की पीठ और गर्दन पर तेंदुए ने गंभीर घाव किए हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसको बेस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नमिता की मां वहां नहीं होती तो तेंदुआ उसे मार डालता। तेंदुए के हमले में घायल नमिता के गांव तक सड़क होते हुए भी ग्रामीणों को उसे डोली में बैठाकर छह किमी पैदल लाना पड़ा। पीएमजीएसवाई की छह किमी की यह रोड बारिश के कारण पिछले एक हफ्ते से बंद है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के रख रखाव के लिए टेंडर हुए हैं, लेकिन विभाग ने सड़क ठीक नहीं की।