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Uttarakhand: ईडी ने अटैच की पूर्व डीएफओ किशन चंद की 31.88 करोड़ की संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत हुई कार्रवाई
Wed, 13 Dec 2023 11:06 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/ देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/ देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 13 Dec 2023 11:06 PM IST
सार
Uttarakhand News: चंद प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) के रूप में कार्यरत थे। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला उत्तराखंड सरकार के सतर्कता विभाग के अधिकारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
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ईडी
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) अधिकारी किशन चंद की 31 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति अटैच की है। ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है।
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ईडी ने बुधवार को बताया कि हरिद्वार जिले में एक स्कूल भवन और रूड़की जिले स्थित एक स्टोन क्रशर प्लांट को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अटैच किया गया है। इनका स्वामित्व आईएफओएस किशन चंद और उनके परिवार के सदस्यों के पास है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 31.88 करोड़ रुपये है।
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चंद प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) के रूप में कार्यरत थे। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला उत्तराखंड सरकार के सतर्कता विभाग के अधिकारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। जांच के दौरान पता चला कि कि अटैच की गई संपत्तियां ‘अपराध से आय’ हैं और विभिन्न खातों में भारी मात्रा में नकदी तथा तीसरे व्यक्ति के नाम पर चेक जमा किए गए थे।
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जमा की गई राशि का उपयोग इन संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया। एक जनवरी 2010 से 31 दिसंबर 2017 तक की अवधि के दौरान किशन चंद ने चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण/खरीद के साथ-साथ अन्य कार्यों पर 41.9 करोड़ रुपये की राशि खर्च की। हालांकि इस दौरान चंद की आय 9.8 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार, आईएफओएस अधिकारी के पास 32.1 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति थी, जो अपराध की कमाई है।