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युवक ने नाबालिग को भगाकर किया दुराचार, मां-बाप ने भी दिया साथ, फिर कराया गर्भपात 

Tue, 02 Apr 2019 09:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 02 Apr 2019 09:49 PM IST
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Minor Girl become pregnant after Physical Assault and and do Abortion
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

युवक ने नाबालिग को भगाकर उसके साथ दुराचार किया और जब वह गर्भवती हो गई तो गर्भपात भी करा दिया। अब नाबालिग को भगाने और उसके साथ दुराचार करने के मामले में पॉक्सो न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 90 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में अभियुक्त का साथ देने पर अदालत ने उन्हें भी तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ ही पांच-पांच जुर्माने की सजा सुनाई है।

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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि बाजपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी भांजी (16) बचपन से उसी के पास रहती है। 6 सितंबर 2015 की शाम को वह लापता हो गई।
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काफी खोजबीन के बाद पता चला कि भांजी को ग्राम भट्टपुरी नमूना थाना बाजपुर निवासी विनोद पाल भगा कर ले गया है। इसमें विनोद के पिता सूरजपाल और मां राधा ने भी उसका साथ दिया था।
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24 नवंबर 2016 को पुलिस ने विनोद के साथ नाबालिग को बरामद कर लिया। उस समय नाबालिग गर्भवती थी और कुछ समय बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि विनोद उसे अपने साथ ले गया था और डरा धमकाकर उसके साथ दुराचार किया। 

जब वह पहली बार गर्भवती हुई तो विनोद ने गर्भपात करा दिया। दूसरी बार में उससे बेटी पैदा हुई। 10 दिसंबर 2016 को पुलिस ने पॉक्सो न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की अदालत में विनोद के साथ ही उसके पिता सूरजपाल और मां राधा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 

अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता और वतन जोशी ने छह गवाह पेश कर उनके बयान कराए। इसी बीच विनोद ने नाबालिग से जन्मी बेटी उसकी न होने का दावा कर कोर्ट से उसका डीएनए टेस्ट कराने की मांग की।

कोर्ट के आदेश पर कराए गए डीएनए टेस्ट में बच्ची विनोद की होने की पुष्टि हुई। शासकीय अधिवक्ताओं की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए पॉक्सो न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की अदालत ने विनोद को 10 वर्ष के कठोर कारावास आौर 90 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।  इसके अलावा, कोर्ट के आदेश पर आरोपी विनोद के पिता सूरजपाल और मां राधा को भी तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भुगतना होगा।

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