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Dehradun News: मेट्रो नियो प्रोजेक्ट मंत्रालय में लटका, अब राजधानी में पीआरटी चलाने की तैयारी शुरू

Sat, 14 Oct 2023 04:16 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 14 Oct 2023 04:16 PM IST
सार

मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी जितेंद्र त्यागी ने बताया कि मेट्रो नियो का प्रस्ताव अभी मंत्रालय में है। मंत्रालय से इस पर अभी जो भी जानकारियां मांगी गई थीं, वह उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि इसके सपोर्ट में ही पीआरटी चलाने का प्रस्ताव है।

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Metro project stuck in Ministry now preparation to run PRT in Doon begins Uttarakhand news in hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

राजधानी में मेट्रो नियो चलाने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय में लटकने के बाद अब सरकार मानवरहित पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी, पॉड टैक्सी) चलाने की तैयारी कर रही है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन ने इस पर काम शुरू कर दिया है।

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राजधानी में तीन कॉरिडोर पहचानते हुए कारपोरेशन ने इसकी ट्रैफिक और ट्रांसपोर्टेशन स्टडी की निविदा जारी कर दी है। मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी जितेंद्र त्यागी ने बताया कि मेट्रो नियो का प्रस्ताव अभी मंत्रालय में है।
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मंत्रालय से इस पर अभी जो भी जानकारियां मांगी गई थीं, वह उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि इसके सपोर्ट में ही पीआरटी चलाने का प्रस्ताव है। इसके लिए पंडितवाडी से रेलवे स्टेशन, क्लेमेंटटाउन से बल्लीवाला और गांधी पार्क से आईटी पार्क के तीन कॉरिडोर चिह्नित किए गए हैं।
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इन सभी कॉरिडोर पर ट्रैफिक और ट्रांसपोर्टेशन का अध्ययन किया जा रहा है ताकि पीआरटी चलाने पर भविष्य के लिए यात्रियों की संभावना देखी जा सके। उन्होंने बताया कि इस अध्ययन के लिए एजेंसी हायर की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद कारपोरेशन इसकी डीपीआर तैयार करके शासन के समक्ष रखेगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाएगा।


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क्या है पॉड टैक्सी

पर्सनल रैपिड ट्रांसपोर्ट (पीआरटी) या पॉड टैक्सी पूरी तरह स्वचालित होती है। यह कार के आकार की होती है और स्टील के ट्रैक पर चलती है। इस टैक्सी को चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके जरिये तीन से लेकर छह तक यात्रियों को एक बार में ले जाया जा सकता है। कार सड़क के बजाए कॉलम पर बने स्ट्रक्चर पर चलेगी। यह यात्रियों के बटन दबाने पर खुद उनके पास पहुंच जाएगी। यह विश्व का सबसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। दुनिया में पहली पॉड टैक्सी वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में वर्ष 1970 में चलाई गई थी।
 

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