फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   medicine shortage in hospitals of uttarakhand.

सरकारी अस्पतालों में दवाएं खत्म, मुश्किल में मरीज

Sun, 24 Jan 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 24 Jan 2016 12:35 AM IST
विज्ञापन
medicine shortage in hospitals of uttarakhand.

प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल दून में कई दवाएं खत्म हो गई हैं। काफी समय पहले महानिदेशालय और सीएमओ कार्यालय को दवाओं की मांग भेजी गई थी। लेकिन अस्पताल को दवाओं की आपूर्ति नहीं की गई। प्रदेश के कई अन्य सरकारी अस्पतालों में भी कई जरूरी दवाएं खत्म हो गई हैं।

विज्ञापन


दून अस्पताल में रोजाना करीब दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी में डॉक्टरों से जांच करवाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज भर्ती भी हैं। लेकिन मरीजों को अस्पताल से कई जरूरी दवाएं नहीं रही हैं। विशेषकर बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की कमी है।
विज्ञापन


अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन पहले से ही खत्म है। अब आरबी, आरएल फ्लूड, फेंटिन सोडियम, क्लोनेजिपाम, मेट्राजिल, डेफ्रोडोन, ओलेबटॉल डीटी, ऑप्टीन्यूरॉन समेत कई दवाएं भी खत्म हो गई हैं। पहाड़ के कई अस्पतालों में मरीजों को सामान्य बीमारियों की भी दवा नहीं मिल पा रही है। महानिदेशालय स्तर से कुछ दवाएं भेजी गई हैं, लेकिन यह मरीजों के लिए नाकाफी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मशीन हुई खराब, नेत्र रोगियों पर आफत

medicine shortage in hospitals of uttarakhand.

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब नेत्र (आंख) से संबंधित बीमारियों के रोगियों की आफत आ गई है। अस्पताल में मशीन खराब होने से करीब एक सप्ताह से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। मशीन ठीक होने में अधिक समय लग सकता है, जिससे मरीजों को जल्द राहत मिलने की संभावना नहीं है।

अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में प्रयुक्त होने वाली एबी स्कैन मशीन खराब है। जिस वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. राजकेश पांडे ने बताया कि जो मशीन खराब है वह मरीज की आंख में लगाए जाने वाले लैंस की टेस्टिंग के काम आती है।

लैंस की क्षमता की जांच के बाद ही मरीज की देखने की स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है। इसके अलावा आंख में ट्यूमर व पर्दे की स्थिति की जांच और अल्ट्रासाउंड में इस मशीन का उपयोग किया जाता है।

सप्लाई फर्म मशीन को ठीक करने के लिए दिल्ली ले गई है। उन्होंने बताया कि सीएमओ डॉ. सुशील अग्रवाल के निर्देश पर टिहरी से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टिहरी से मशीन लाई जा रही है। जल्द ही उस मशीन की मदद से मरीजों के ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed