उत्तराखंड में एंटी रैगिंग सेल की बड़ी कार्रवाई, एमबीबीएस के तीन छात्रों को कॉलेज से किया निष्काषित
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राजकीय मेडिकल कॉलेज (हल्द्वानी) में जूनियर छात्रों से रैगिंग के आरोपी तीनों छात्रों को एंटी रैगिंग कमेटी ने दोषी माना है। कमेटी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तीनों छात्रों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उन्हें स्थायी तौर पर निष्कासित करने पर अपनी मुहर लगा दी।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा के कार्यालय में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें आरोपित छात्रों के माता-पिता को भी बुलाया गया था। शाम चार से आठ बजे तक चली बैठक में कमेटी ने पीड़ित जूनियर छात्रों और आरोपियों के बयान दर्ज किए।
कमेटी ने तीनों आरोपियों को रैगिंग का दोषी मानते हुए उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोका और हॉस्टल से उनके स्थायी निष्कासन पर मुहर लगा दी।
यह था मामला
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 25 अक्तूबर की रात एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के तीन छात्रों ने तृतीय वर्ष के तीन छात्रों की रैगिंग ली तो जूनियर छात्रों ने विरोध किया। इस पर सीनियर छात्रों ने गालीगलौज करते हुए तीनों जूनियर छात्रों की पिटाई कर दी।
जूनियर छात्रों ने इसकी शिकायत एंटी रैगिंग सेल की वेबसाइट पर की। मामला संज्ञान में आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बृहस्पतिवार रात ही तीनों आरोपी छात्रों को हॉस्टल से निकाल कर उनके कमरों को बंद करा दिया था।
कमेटी में ये रहे मौजूद
शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, डॉ. आरजी नौटियाल, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, पत्रकार दिनेश जोशी, कुसुम डिगारी, डॉ. विनीता रावत, डॉ. अजय आर्या, हरिमोहन उपाध्याय और अमित दुम्का।
इन मामलों में दोषी माना
2-नशे में उन्होंने गालीगलौज और मारपीट की।
3-उनके कमरों से शराब की बोतलें भी बरामद हुईं।
4-तीनों की वजह से कॉलेज का अनुशासन भंग हुआ।
मां-बाप मानने को तैयार नहीं कि बेटे शराब पीते हैं
रैगिंग के तीनों आरोपियों के माता-पिता मानने को तैयार नहीं थे कि उनके बेटे शराब पीते हैं। इस पर कॉलेज प्रबंधन ने तीनों छात्रों का कमरा परिजनों को दिखाया। कमरों में शराब की खाली बोतलें मिलीं। कॉलेज प्रबंधन ने तीनों के परिजनों को अलग-अलग ले जाकर कमरे दिखाए।