निगम की जमीन पर अतिक्रमण देख चढ़ा मेयर का पारा, बोले-कागज है तो दिखाओ नहीं तो चलेगी जेसीबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन तुम्हारी है तो कागज भी होंगे। कागज है तो दिखाओ वरना जेसीबी चलेगी। लेकिन, निगम की जमीन पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि आपने निगम की जमीन पर कब्जा करते हुए नहीं सोचा तो हम भी कार्रवाई करते समय नहीं सोचेंगे।
ऐसे में खुद जमीन से कब्जा हटा लीजिए। बृहस्पतिवार को अनारवाला-गुच्चूपानी में निगम की जमीन पर किए गए कब्जों पर भड़के मेयर सुनील उनियाल गामा ने कुछ इसी अंदाज में अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी।
लोकसभा चुनाव के दौरान नगर निगम को शिकायतें मिल रही थी कि अनारवाला-गुच्चूपानी में निगम की खाली जमीन पर लगातार कब्जे हो रहे हैं। इन पर पक्के निर्माण किए जा रहे हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को मेयर सुनील उनियाल गामा अनारवाला-गुच्चूपानी में पहुंचे।
यहां नदी के किनारे निगम की जमीन पर पक्का अतिक्रमण देख उनका पारा चढ़ गया। मौके पर उपस्थित लोगों से पूछा गया कि किसकी अनुमति से निगम की जमीन पर रिजॉर्ट व स्वीमिंग पूल आदि का निर्माण किया गया है।
उन्होंने मौजूद अधिकारियों को अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी यदि निगम की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है तो उसे हटाना ही पड़ेगा। कब्जा जायज है तो कागज दिखाई वरना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कब्जे में प्रधान की मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निगम क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को चिह्नित करने के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश दिए।
इस मौके पर भूमि कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली, अनिल डबराल, ममता गुरुंग, राजीव गुरुंग, राहुल रावत, मनीष, सुदेश कुमार, सुखदेव गुरुंग, अनुराग वर्मा, पुनीत राणा आदि मौजूद रहे।
पर्यटन विभाग वसूल रहा पार्किंग
नगर निगम में शामिल होने से पहले अनारवाला-गुच्चूपानी का क्षेत्र ग्राम पंचायत में था। जिसके चलते पर्यटन विभाग यहां पार्किंग वसूलता था। लेकिन, अब यह क्षेत्र निगम में शामिल हो गया है। ऐसे में यहां पार्किंग शुल्क वसूलने की जिम्मेदारी भी अब नगर निगम की है। पर ऐसा नहीं हो रहा है। इस पर मेयर सुनील उनियाला गामा ने कहा कि शुल्क वसूली के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। ताकि यहां की पार्किंग नगर निगम को मिल सके।