200 साल बाद बाशिक महासू देवता का हुआ बाबा केदार से मिलन, जयकारों से गूंज उठी केदारपुरी
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केदारपुरी(केदारनाथ) में 200 साल बाद बाशिक महासू देवता का बाबा केदार से मिलन हुआ तो पूरा केदारनाथ दोनों देवताओं के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। बाशिक महासू देवता ने केदारनाथ मंदिर के गृभ गृह में अपने आराध्य (बाबा केदार) की सात बार परिक्रमा की।
देव डोली के साथ गृभ गृह में प्रवेश करने वाले 25 कारसेवक (पुजारी, बजीर, ठाणी, भंडारी, स्याणा) इस दुर्लभ देव संयोग के साक्षी बने। देव संयोग को देख कारसेवकों की आंखों से अश्रुधारा बह निकली। परिक्रमा के बाद देव पालकी शिवलिंग के पास जाकर बैठ गई। करीब 20 मिनट तक बाशिक महासू देवता की पालकी मंदिर के गृभ गृह में मौजूद रही।
घंटे-घटियालों और शंख की ध्वनि के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। देव माली पर अवतरित बाशिक देवता ने अपने आराध्य को भेंट भी दी। देव दर्शन के बाद बृहस्पतिवार की सुबह वापसी में लौटते वक्त देव पालकी ने मंदाकनी और सरस्वती नदी के संगम पर शाही देव स्नान किया।
मालूम हो कि 22 अप्रैल को बाशिक देवता की पालकी मैंद्रथ स्थित मंदिर से केदारनाथ के लिए रवाना हुई थी। सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ करीब 300 किमी की पैदल यात्रा तय कर देव पालकी 11 दिन बाद बीते बुधवार की शाम को केदारनाथ पहुंची थी। जहां शाम के समय देव पालकी ने आराध्य के दर्शन किए। 14 मई को देव पालकी वापस अपने मूल स्थान मेंद्रथ पहुंचेगी।
इस मौके एसडीएम ऊखीमठ गोपाल सिंह चौहान, बजीर दीवान सिंह राणा, मखू पंवार, जगमोहन राणा, देव माली भवान सिंह, संजय जोशी, दीवान चंद शर्मा, आत्मा जोशी, कबीर दास, कुमरेश, रमेश, विनोद, रिंकू, रघुवीर सिंह, साहिब सिंह राणा आदि मौजूद रहे।