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महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज: शूटिंग ट्रेनिंग बंद, कैसे लगेगा मेडल पर ‘निशाना’

Fri, 03 Jan 2020 11:47 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून
गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 03 Jan 2020 11:47 AM IST
सार

  • कोच न होने और शूटिंग रेंज न बन पाने के कारण फिलहाल शूटिंग में एडमीशन पर भी रोक
  • शूटिंग खेल वाला प्रदेश का एकमात्र है राजकीय कॉलेज, प्रदेश में वर्ष 2021 में प्रस्तावित हैं नेशनल गेम्स 

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Maharana Pratap Sports College dehradun, Shooting training stopped
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने वाले राजकीय महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में खिलाड़ियों को शूटिंग की ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है। वर्षों से कॉलेज में शूटिंग कोच की व्यवस्था न होने के कारण अब कॉलेज प्रबंधन ने भी शूटिंग में खिलाड़ियों के एडमीशन करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके पीछे शूटिंग रेंज न होने का हवाला दिया जा रहा है। 

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दरअसल, रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉलेज है। यहां बैडमिंटन, जूडो, ताइक्वांडो, क्रिकेट, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स समेत अनेकों खेलों की उच्च श्रेणी की कोचिंग दी जाती है। यहां के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी कई मेडल अपने नाम किए हैं।
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यही कारण है खेल विभाग और सरकार को यहां की प्रतिभाओं से खासी उम्मीदें रहती हैं, लेकिन दुर्भाग्य रहा कि शूटिंग के खेल में इस कॉलेज से कोई प्रतिभा नहीं मिल सकी है। इसका कारण यह है कि कॉलेज को कई साल से निर्माणाधीन शूटिंग रेंज ही नहीं मिल पा रहा है। शूटिंग रेंज का निर्माण बेहद कछुआ चाल से हो रहा है। इसका खामियाजा शूटिंग की प्रतिभाओं को भुगतना पड़ रहा है। इस कॉलेज के अलावा भी किसी अन्य राजकीय कॉलेज में शूटिंग खेल शामिल नहीं है। नतीजा, खिलाड़ी निजी शूटिंग एकेडमी का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि शूटिंग रेंज तैयार होने के बाद ही विभाग ने शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू करने की योजना बनाई है। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि शूटिंग में भविष्य बनाने को इच्छुक निर्धन वर्ग की प्रतिभाएं आखिर कैसे तैयार होंगी। यह हाल तब है जब प्रदेश में वर्ष 2021 में नेशनल गेम्स प्रस्तावित हैं और सरकार और विभाग खिलाड़ियों से मेडल की उम्मीदें लगाए है।

क्यों खास है यह कॉलेज

इस कॉलेज के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग में विश्व फलक पर पहचान भी बनाई हैं। जूनियर ओलंपिक में एथलेटिक्स में गोल्ज जीतने वाले सूरज पंवार भी इसी कॉलेज के रहे हैं। इसके अलावा भी एथलेटिक्स में दर्जनों अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं। क्रिकेट में अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम के मुख्य बल्लेबाज शाश्वत रावत समेत कई अन्य प्रतिभाएं भी यहीं से निकली हैं। 

खेल मंत्री भी रेंज का कर चुके शुभारंभ

करीब डेढ़ साल पहले खेल मंत्री अरविंद पांडे ने इसी कॉलेज में अस्थायी शूटिंग रेंज का शुभारंभ किया था। उन्होंने खिलाड़ियों को इस रेंज में ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद इस रेंज में ट्रेनिंग का संचालन नहीं हो सका। आलम यह रहा कि दो साल पहले शूटिंग में जो एक एडमीशन आया, उस छात्र को अभी तक शूटिंग की गन उठाने का मौका नहीं मिल सका है। अब उसे अन्य खेल में शिफ्ट करने की योजना है।


कॉलेज में शूटिंग रेंज का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में कॉलेज में शूटिंग कोच भी नहीं है। इस कारण फिलहाल शूटिंग में एडमीशन देना संभव नहीं हो पा रहा है। रेंज तैयार होने के बाद यहां एकेडमी खोलने की योजना है। इसके बाद खिलाड़ियों को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग दी जाएगी।
- अजय कुमार अग्रवाल, प्रिंसिपल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर

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