'अखाड़ों के नागा संन्यासी सीमाओं पर जाकर भारतीय सेना की मदद करने को तैयार'
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अखाड़ा परिषद कुलभूषण जाधव पर काफी चिंतित है। परिषद ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जाधव का जीवन बचाने की मांग की है। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के द्वारा संतों ने स्वागत किया है।
साथ ही गंगा रक्षा, जल समाधि के स्थान पर भू-समाधि और कुंभ मेलों के स्थायी निर्माण के लिए भी मांग की गई है। इस आशय के पत्र चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी भेजे गए हैं।
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने अखाड़े में वार्ता करते हुए बताया कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह निर्दोष कुलभूषण जाधव को फांसी पर लटकाना चाहता है।
पीएम माेदी काे लिखा पत्र
ऐसा पहले सरबजीत के मामले में नाटक कर चुका है। उसे तो जेल में ही मरवा दिया गया। केंद्र सरकार जाधव के प्रकरण का गहरा संज्ञान ले रहे हैं। यह इसी से साबित होता है कि इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पूरी तैयारी के साथ उठाया गया है।
अखाड़ा परिषद पहले भी दो बार प्रस्ताव पारित कर चुकी है कि अखाड़ों के नागा संन्यासी सीमाओं पर जाकर भारतीय सेना की मदद करने को तैयार हैं। सरकार चाहे तो संत अपना जीवन सीमाओं पर बलिदान भी कर सकते हैं।
इस संबंध में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की गई है कि सरकार तत्काल उचित कार्रवाई करें। हर सूरत में कुलभूषण का जीवन बचाना जरूरी हो गया है।