Haridwar Kumbh Mela 2021 : कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को उन्हीं की भाषा में मिलेगा जवाब
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हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं को यहां के सभी रेलवे स्टेशन पर भाषा के चलते पूछताछ व अन्य जानकारी लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लक्सर से ऋषिकेश तक के स्टेशन पर ऐसे कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें हिंदी, अंग्रेजी के साथ दूसरी भाषाओं का ज्ञान भी होगा। इसके लिए अलग-अलग मंडलों से कर्मचारियों की मांग की गई है।
Haridwar Kumbh Mela 2021: उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग जारी करेगा कुंभ की एसओपी
कुंभ मेले की एसओपी जारी होते ही मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांग रेलवे मुख्यालय से की है। दूसरे मंडलों से आने वाले इन कर्मचारियों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के अलावा योग नगरी, मोतीचूर, लक्सर, ज्वालापुर रेलवे स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा। मालूम हो कि कई प्रदेशों के यात्रियों को हिंदी व अंग्रेजी भाषा समझ में नहीं आती है।
श्रद्धालु अपने प्रदेश की भाषा में ही आरक्षण कक्ष, प्लेटफार्म व अन्य जगहों पर तैनात रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ करते हैं। इससे कर्मचारी और श्रद्धालु दोनों परेशान रहते हैं। अलग-अलग मंडलों से आए कर्मचारियों के स्टेशनों पर नियुक्त होने से फायदा यह होगा कि स्थानीय कर्मचारियों को इन कर्मचारियों की मदद मिलेगी।
जिससे वह श्रद्धालुुओं को बता सकेंगे। रेलवे द्वारा मांगे गए कर्मचारियों में आरक्षणकर्मी, पूछताछ, सुरक्षाकर्मी, टिकट कलेक्टर समेत अन्य कर्मचारी हैं। मुरादाबाद मंडल के एडीआरएम एनएन सिंह ने बताया कि रेलवे मुख्यालय से चार हजार कर्मचारियों की मांग की गई है। जो अलग-अलग मंडलों से आएंगे।
एसओपी के बाद सीएम के बयान से अखाड़ों में हलचल
केंद्र सरकार की एसओपी जारी होने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ‘हरिद्वार वुहान बन जाए ऐसा जोखिम नहीं लेंगे’ बयान से हरिद्वार कुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। अखाड़ों में हलचल बढ़ गई है और संत सकते में आ गए हैं।
उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि भी बृहस्पतिवार प्रयागराज से हरिद्वार पहुंच गए। कोविड-19 से बचाव की एसओपी को लेकर संत समाज अभी न तो खुलकर विरोध कर पा रहा है न ही समर्थन। संतों को अब प्रदेश सरकार की गाइडलाइन और अखाड़ा परिषद की बैठक का इंतजार है। अखाड़ा परिषद के आह्वान पर सभी अखाड़ों के संतों एवं पदाधिकारियों की बैठक में सामूहिक निर्णय होगा।
केंद्र सरकार की एसओपी को लेकर सभी अखाड़ों के संतों और पदाधिकारियों की रायशुमारी ली जाएगी। इसके बाद अखाड़ा परिषद की जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी और संतों के बीच सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
-श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
केंद्र सरकार की एसओपी के बाद ऐसा लगता है कुंभ मेले का दिव्य और भव्य आयोजन मुश्किल होगा। कुंभ में भागवत, कथा, पूजा पाठ, हवन, यज्ञ होते हैं। इनके आयोजन पर प्रतिबंध लगाया तो कुंभ कैसे होगा।
-श्रीमहंत राजेंद्र दास, अध्यक्ष, श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़ा
हरिद्वार महाकुंभ की एसओपी के नियमों को लेकर जल्द ही अखाड़ा परिषद की बैठक होने जा रही है। बैठक में एसओपी पर चर्चा करने के बाद सभी संतों की रायशुमारी लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
-रविंद्रपुरी, सचिव पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी
केंद्र सरकार की ओर से जारी एसओपी का सख्ती से पालन होना चाहिए। कुंभ के दौरान यदि कोरोना संक्रमण फैला तो नियंत्रित करना मुश्किल होगा। ऐसे में सरकार की गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है।
-सोमेश्वरानंद, महामंडलेश्वर, निरंजनी अखाड़ा
कुंभ सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। इसमें दुनियाभर से श्रद्धालु आते हैं। कोरोना की वैक्सीन आ चुकी है। सरकार को कोविड से बचाव के बीच कुंभ का आयोजन कराना चाहिए।
-स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर पंचायत महा निर्वाणी अखाड़ा