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जौनसार बावर में माघ पर्व की तैयारियां जोरों पर, लोग साल भर से करते हैं इंतजार
Wed, 09 Jan 2019 03:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिया
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Jan 2019 03:26 PM IST
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जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र में माघ (मरोज पर्व) की तैयारियां जोरों हैं। 11 जनवरी से शुरू होने वाले त्योहार का लोग साल भर से इंतजार करते हैं। त्योहार को लेकर लोग बकरे खरीद रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने घर पर बकरे पाले हुए हैं।
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क्षेत्र में त्योहार को लेकर लोग बकरों की खरीदारी करने में जुटे है। 25 से 30 हजार रुपये तक बाजार में बकरे खरीदे जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार को एक बकरे को काटने की परंपरा है, जो वर्षों पूर्व से चली आ रही है। इस पर्व में रिस्तेदारी को निभाने के लिए एक दूसरे के यहां जाने का रिवाज है। क्षेत्र के नराया, अलसी, कोठा, अष्टी, पजेटिलानी, टिपऊ, जिसऊ, बाणाधार, चिल्हाड़, टयूटाड, खरोटा, झबराड, लाखामंडल, बुरासुवा, मेहपोटा, क्वासी आदि क्षेत्रों में ग्रामीण पर्व की तैयारियों में जुटे हैं। स्थानीय निवासी खुशीराम व प्रताप सिंह ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी 11 जनवरी से शुरू होने वाले माघ की तैयारी जौनसार बावर में जोरों पर हैं।
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11 और 12 जनवरी को मरोज के दिन बकरों को काटा जाएगा, जिनके पास अपने बकरे नहीं हैं उन्होंने बकरे खरीदने शुरू कर दिए हैं। पंजिया गाँव के संतराम भट्ट, अलसी गाँव के सिंगा राम बिष्ट आदि बुजुर्गों का कहना है कि बकरों को काटने की माघ माह की संक्रांति से दो दिन पूर्व की परंपरा कई सदियों से चली आ रही है। इस परंपरा को आज भी मनाया जा रहा है। इसके लिए पूरे साल भर घर में बकरे को पाला जाता है।
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पूरे महीने मनाया जाएगा त्योहार
माघ माह में काटे जाने वाले बकरे का मांस प्रत्येक घर से विवाहिता महिलाओं के ससुराल के साथ ही भांजे को बाटे (हिस्सा) के रूप में दिया जाता है। 11 और 12 जनवरी को मरोज पर्व मनाया जाएगा। जबकि इसके बाद मसांद, खोडा, पाऊंणाई, सुईणात, बोईदाणा सहित कई त्योहार मनाए जाएंगे। क्षेत्र में पूरे माह त्योहार मनाया जाता है।
महासू देवता मंदिर में एकत्र होंगे छत्राई
महासू देवता के छत्राई आज कोटीकनासर में एकत्र होंगे। दस जनवरी को महासू देवता मंदिर में बकरा काटा जाएगा। इसके बाद पूरे जौनसार बावर में 11 और 12 जनवरी को मरोज पर्व मनाया जाएगा।