जीएसटी के विरोध में उत्तराखंड में मिला-जुला असर, 78 करोड़ का नुकसान
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर कुमाऊं मंडल में बंद का मिलाजुला असर रहा। भाजपा से जुड़े अधिकतर व्यापारियों ने जहां दुकानें खोली वहीं नैनीताल शहर में पर्यटकों की समस्याओं को देखते हुए बाजार खुला रहा।
हालांकि जिले के बाकी हिस्सों में बंद का असर देखने को मिला। मंडल के छह जिलों में बंद से करीब 77.75 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ। पर्यटन सीजन में बंद से पर्यटकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
दुकानें बंद कराने के लिए सुबह से ही व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की टोलियां घूमती रही। रानीखेत में केंद्रीय वित्त मंत्री का पुतला फूंका गया। हालांकि बंद के दौरान कई जिलों में शराब की दुकानें खुली नजर आईं।
व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर जीएसटी में व्यापारियों को जेल डालने की सजा का प्रावधान समाप्त करने, एक माह में तीन रिटर्न दाखिल करने के स्थान पर त्रैमासिक रिटर्न की व्यवस्था करने
उत्तराखंड में अपंजीकृत व्यापार सीमा 20 लाख करने, छोटे व्यापारियों के लिए एक करोड़ तक समाधान योजना लागू करने के अलावा ब्रांडेड अनाज, तिलहन, कपड़े, कृषि यंत्र और जीवनोपयोगी आवश्यक वस्तुओं को कर मुक्त रखने की मांग की है।
जिला बंद से नुकसान
अल्मोड़ा - चार करोड़
बागेश्वर - 1.75 कारोड़
पिथौरागढ़ - 20 करोड़
चंपावत - 12 करोड़
नैनीताल - 15 करोड़
ऊधमसिंह नगर - 25 करोड़