इंटरव्यू: शादी में अड़चन नहीं, इन कार्यक्रम का राजनीतिक मंच के तौर पर उपयोग चुनाव खर्च में जुड़ेगा; खास बातचीत
Lok Sabha Elections 2024 Uttarakhand: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा चुनाव में 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। कहा कि पोलिंग पार्टियों को चिकित्सा सुविधा के लिए प्रदेश में दो एयर एंबुलेंस तैनात की गई है।
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राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम का कहना है कि पूरे चुनाव के दौरान निजी कार्यक्रम जैसे जन्मदिन, विवाह-समारोह, त्योहारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर किसी त्योहार, होली मिलन, इफ्तार पार्टी आदि का राजनीतिक मंच के तौर पर प्रयोग किया गया तो वह चुनाव खर्च में जुड़ जाएगा, जिसकी निगरानी चुनाव आयोग की टीम करेगी। चुनाव तैयारी, आचार संहिता संबंधी सवालों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता आफताब अजमत से खास बातचीत की।
सवाल : लोकसभा चुनाव में इस बार राज्य से कितने मतदाता, मतदेय स्थल हैं। क्या खास तैयारी की गई है।
जवाब : अब तक पंजीकरण के हिसाब से प्रदेश में 83 लाख 21 हजार 207 मतदाता हैं, जबकि 93 हजार 357 सर्विस मतदाता हैं। 11,729 मतदेय स्थल हैं। हमारे पास 30 मतदेय स्थल ही ऐसे हैं, जहां पोलिंग पार्टियों को तीन दिन पहले भेजना होगा। मतदानकर्मियों को आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक एयर एंबुलेंस तैनात रहेगी। मतदान के दौरान बर्फबारी या कहीं बारिश की वजह से सड़क बंद होने जैसी स्थिति से निपटने को भी पूरी तैयारी की गई है। वैसे चुनाव 19 अप्रैल को हैं, जिस दौरान मौसम ठीक रहता है।
सवाल : प्रत्याशियों व राजनीतिक दलों के लिए आचार संहिता में किन बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
जवाब : प्रत्याशी एक-दूसरे पर व्यक्तिगत आक्षेप न लगाएं। अपने खर्च पर नियंत्रण रखें। 95 लाख से अधिक खर्च न हो। नहीं तो अयोग्य भी करार दिया जा सकता है। पेड न्यूज का भी ध्यान रखें। सभी राजनीतिक दलों को आचार संहिता से जुड़े सभी नियम-कायदे बता और समझा दिए गए हैं। इनका उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
सवाल : आचार संहिता उल्लंघन पर शिकायत की क्या प्रक्रिया है।
जवाब : इसके लिए सबसे बेहतर है कि आप अपने मोबाइल में चुनाव आयोग का सी-विजिल एप डाउनलोड कर लें। इस पर जैसे ही अपनी शिकायत भेजेंगे, उस पर 100 घंटे के भीतर कार्रवाई हो जाएगी। इसके अलावा आप अपने क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर या मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी शिकायत कर सकते हैं। हमने टोल फ्री नंबर 180013001950 जारी किया है। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 0135-2664302, 2664303, 2664304, 2664305, 2664306 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सवाल : 2014 के मुकाबले 2019 लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत गिर गया था। इस बार क्या लक्ष्य और रणनीति होगी।
जवाब : जी हां, हमने इस बार 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 93,357 सर्विस मतदाताओं, 79,965 दिव्यांग, 65,177 ऐसे मतदाताओं, जिनकी आयु 85 वर्ष से अधिक है, का शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा करीब 80 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं जो अपने पोलिंग बूथ के आसपास के क्षेत्र में ही रहते हैं। 10 प्रतिशत ऐसे हैं, जो उस जिले में रहते हैं, लेकिन पोलिंग बूथ से कुछ दूर। लिहाजा, इनका मतदान शत-प्रतिशत कराने के लिए हमने हर जिले में टीम बनाई है, जिसके नोडल अफसर उस जिले के मुख्य विकास अधिकारी हैं। हम अब तक 34 लाख लोगों को मतदान की शपथ दिला चुके हैं।
सवाल : निजी आवास पर पोस्टर, बैनर लगाने का क्या नियम है? क्या जबरदस्ती लगाने वालों पर कोई कार्रवाई हो सकती है।
जवाब : निजी आवास पर आप स्वेच्छा से पार्टी के तीन झंडे तक लगा सकते हैं। बशर्ते, उनसे किसी पड़ोसी को कोई परेशानी न हो। वह निर्धारित साइज में ही झंडा लगा सकते हैं। अगर किसी प्रत्याशी को वोट सपोर्ट का झंडा, पोस्टर, बैनर लगाना है, तो उसके लिए आपस में मकान मालिक की सहमतिपत्र प्रत्याशी को अपने रिटर्निंग अफसर के पास जमा कराना होगा, ताकि उसी हिसाब से खर्च में जुड़ सके। अगर कोई जबरदस्ती लगा दे तो इसकी शिकायत सी-विजिल एप के माध्यम से कर सकते हैं।
सवाल : आम नागरिकों के लिए आचार संहिता में क्या नियम हैं। क्या उन्हें भी कैश या शराब ले जाने में पाबंदी है।
जवाब : आम नागरिकों के लिए सामान्य नियम ही हैं। अगर आप एक लाख या इससे ऊपर तक का कैश ले जा रहे हैं तो उसके लाने और ले जाने का प्रमाण देना होगा। मौके पर न दे पाए तो शिकायत निवारण प्रकोष्ठ उसे सीज कर देगा, जिसके कागजात दिखाने पर तुरंत वापस भी मिल सकेंगे।
सवाल : चुनाव आचार संहिता के दौरान पर्यटन सीजन की भी शुरुआत होने जा रही है। इसे किस तरह से देखते हैं।
जवाब : राज्य में चुनाव 19 अप्रैल को हैं। चारधाम यात्रा उसके बाद है। चुनाव के बाद तीन दिन के भीतर अधिगृहीत वाहन छोड़ दिए जाएंगे। पर्यटन सीजन पर इससे कोई असर नहीं पड़ेगा।
सवाल : बुजुर्ग-दिव्यांग मतदाताओं के लिए क्या तैयारी है।
जवाब : इन मतदाताओं को हमने फार्म 12-डी भेजने शुरू कर दिए हैं। जो भी पोलिंग बूथ के बजाए घर से मतदान करना चाहेंगे, वह इस फार्म को भरकर देंगे। दिव्यांग मतदाताओं को 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाणपत्र भी दिखाना होगा। 85 से अधिक आयु वालों के लिए ऐसा कोई अनिवार्य दस्तावेज नहीं है। पांच अप्रैल तक स्पष्ट हो जाएगा कि कितने दिव्यांग, बुजुर्ग मतदाता घर से मतदान करना चाहते हैं। फिर हम उनके लिए चुनाव टीमें भेजेंगे।
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सवाल : आचार संहिता के दौरान विवाह, त्योहार, जन्मदिन के लिए क्या नियम हैं।
जवाब : होली मिलन, इफ्तार पार्टी, जन्मदिन जैसे किसी भी निजी आयोजन की छूट है, लेकिन इसका राजनीतिक मंच के तौर पर इस्तेमाल करने पर चुनाव खर्च का हिस्सा बन जाएगा। हम ऐसे सभी आयोजनों की भी निगरानी करेंगे।