भाजपा के प्रत्याशियों पर सस्पेंस बरकरार: तीन सीटों पर माथापच्ची जारी, दो पर नाम लगभग तय
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उत्तराखंड की पांचों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को लेकर सस्पेंस बरकरार है। केंद्रीय चुनाव सीमित की बैठक में संभावित प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा हो चुकी है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक तीन सीटों अल्मोड़ा, नैनीताल और पौड़ी में प्रत्याशियों को लेकर माथापच्ची चल रही है, जबकि दो अन्य सीटों टिहरी और हरिद्वार पर नाम लगभग तय हो चुके हैं। सोमवार को पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है।
भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व की रविवार रात होने वाली बैठक में प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगने की संभावना है। पांच सीटों में से दो सीटों हरिद्वार और टिहरी पर केंद्रीय चुनाव समिति ने नाम तय कर लिए हैं, लेकिन तीन सीटों पर पेच फंसा है।
खबर है कि पौड़ी संसदीय सीट से सांसद बीसी खंडूड़ी का चुनाव लड़ने से इंकार करने के बाद पैनल में तीन दावेदारों कर्नल अजय कोठियाल (रि), राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत और रियर एडमिरल ओपी राणा (रि) के नामों पर चर्चा हुई। पार्टी का एक धड़ा जनरल खंडूड़ी का विकल्प सैन्य पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी को मान रहा है, जबकि तीरथ के राजनीतिक अनुभव के कारण उनकी भी मजबूत दावेदारी है। तीरथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रभारी बनाए हैं, लेकिन इससे उनकी दावेदारी कम नहीं हुई है।
वहीं, कर्नल कोठियाल और एडमिरल राणा की सैन्य पृष्ठभूमि उन्हें मजबूत दावेदार बनाए हैं। सूत्रों के अनुसार नैनीताल सीट से सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अभी तक चुनाव लड़ने के लिए हामी नहीं भरी है।
उनसे प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं ने इस बाबत बात की है। माना जा रहा है कि कोश्यारी को मना लिया जाएगा, लेकिन अगर कोश्यारी चुनाव नहीं लड़ते हैं तो पार्टी के पास प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और तीन बार के विधायक पुष्कर धामी विकल्प हो सकते हैं। पार्टी इस सीट से जातीय समीकरणों को भी टटोल रही है।
वैसे तो अल्मोड़ा सीट पर पहली दावेदारी सांसद अजय टम्टा की बनती है लेकिन वे किन्हीं वजहों से मैदान में नहीं उतरते या उतारे जाते हैं तो राज्यमंत्री रेखा आर्या या विधायक चंदन रामदास प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं। हरिद्वार और टिहरी में अधिक संभावना वर्तमान सांसदों डा. रमेश पोखरियाल निशंक और माला राज्यलक्ष्मी शाह की बताई जा रही है।
हालांकि हरिद्वार से कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और टिहरी से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम भी चर्चा में हैं। रविवार देर शाम शुरू होने वाली शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व की बैठक में स्थिति साफ हो जाएगी।