महासमर 2019: इस बार भगवा ब्रिगेड के सामने अपने ही हथियार से निपटने की चुनौती
लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने के बाद सोशल मीडिया का मंच भी चुनावी रंग में रंग गया है। 2014 के चुनाव में भाजपा ने केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए सोशल मीडिया के जिस मंच को हथियार बनाया, आज उसी मंच पर पार्टी विपक्ष के सोशल सैनिकों की फौज (आईटी सेल) के वार दर वार का सामना करती दिख रही है। हालांकि विपक्ष की सक्रियता के बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी का सोशल मीडिया पर ऊपर जाता ग्राफ भगवा ब्रिगेड को कुछ हद तक राहत दे रहा है।
दरअसल, केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए 2014 में एड़ीचोटी का जोर लगाने वाली भाजपा ने चुनावी रण में अपनी आधी लड़ाई सोशल मीडिया के जरिये ही लड़ी। वहीं अब सोशल मीडिया की ताकत को भांप कर कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल डिजिटल मंच पर उतर आए हैं। बीते कुछ दिनों में सोशल मीडिया से दूर रहने वाले दिग्गज नेताओं ने भी यहां एंट्री की है।
यूट्यूब पर सब्सक्राइबर
भाजपा - 1.1 मिलियन
कांग्रेस - 394 हजार
नाम फेसबुक पेज - ट्विटर (फॉलोवर)
पीएम नरेंद्र मोदी 43 मिलियन - 46.4 मिलियन
राहुल गांधी 2.4 मिलियन 8.9 मिलियन
अमित शाह 14 मिलियन - 12.9 मिलियन
अखिलेश यादव 6.8 मिलियन 9.2 मिलियन
प्रियंका गांधी 468 हजार - 275 हजार
मायावती -- 153 हजार
यूट्यूब और फेसबुक और राहुल की रैलियां हो रही लाइव
लोकसभा चुनाव के समर में कांग्रेस किसी भी प्रकार की चूक से बचती नजर आ रही है। पार्टी के अधिकृत फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के फेसबुक पेज पर चुनावी रैलियों का लाइव प्रसारण किया जा रहा है। वहीं रैली के शुरू होने से कुछ देर पहले ही मिनट्स चलने शुरू हो रहे हैं।
उत्तराखंड के सांसद प्रत्याशी भी सोशल मीडिया पर सक्रिय
राज्य की पांच संसदीय सीटों से दावेदारी कर रहे भाजपा, कांग्रेस के नेता भी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। उधर युवा नेताओं ने भी यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में किसी प्रकार की कोई कोरकसर नहीं छोड़ी है।
‘मैं भी चौकीदार...’ का बोलबाला
भाजपा की ओर से चलाया जा रहा 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन फेसबुक और ट्विटर पर काफी चलन पर आ गया है। पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित साह के साथ ही कई भाजपा नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नाम के साथ चौकीदार शब्द जोड़ दिया है। ‘मैं भी चौकीदार’ काफी टैग किया जा रहा है।