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बैंक की गलती: लोन किसी और को दिया, डिफाल्टर कोई हो गया
Tue, 23 Jul 2019 02:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 23 Jul 2019 02:45 PM IST
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सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के लिए कार लेने की योजना बनाई तो पूर्व लोको पायलट नंद किशोर तनेजा को सिस्टम ने धोखा दे दिया। उन्हें वह लोन न चुकाने पर डिफाल्टर घोषित कर दिया गया जो उन्होंने कभी लिया ही नहीं। उन्होंने अपने स्तर से मामले की जांच कराई तो पता चला कि बैंक ने उनके नाम के व्यक्ति को लोन दिया था, जो गलती से तनेजा के नाम पर चढ़ गया।
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नंद किशोर तनेजा रेलवे के सीनियर लोको पायलट के पद से रिटायर हैं। होम लोन, बच्ची के लिए एजुकेशन लोन आदि चुकता करने के बाद उन्होंने कार खरीदने की सोची थी। शोरूम पर जाकर कार पसंद भी कर ली और लोन के लिए बैंक को कागजात भी दे दिए। लोन की प्रक्रिया जब आगे बढ़ी तो पता चला कि नंद किशोर तनेजा तो डिफाल्टर घोषित हो चुके हैं, लिहाजा बैंक ने उन्हें लोन देने से मना कर दिया।
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उनकी सिबिल रिपोर्ट निकलवाई गई तो पता चला कि उनके नाम पर वर्ष 2010 का एक दुपहिया लोन है, जो उन्होंने चुकाया नहीं। लोन दाता बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि यह लोन नंद किशोर निवासी गोला भट्टा के नाम पर चल रहा है जो गलती से नंद किशोर तनेजा निवासी माजरा सेवला कलां के सिबिल अकाउंट में चढ़ गया। तनेजा के अनुसार बैंक की इस गलती से वे बहुत आहत हैं और उसके खिलाफ न्यायालय जाएंगे।
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आखिर कैसे हो गई इतनी बड़ी गलती
सिबिल रिपोर्ट के लिए व्यक्ति विशेष का पैन नंबर आवश्यक होता है। यदि, नंद किशोर तनेजा ने यह लोन लिया ही नहीं तो उनके सिबिल में यह कैसे चढ़ गया? या तो दूसरे व्यक्ति ने उनका पैन इस्तेमाल किया या फिर बैंक ने बहुत बड़ी कोई चूक की। हालांकि, गलती किस स्तर पर हुई यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।