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सूबे की जेलों में कैदी पढ़ेंगे ‘चाणक्य’ से ‘चेतन भगत’, लाइब्रेरी खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी
Thu, 07 Feb 2019 10:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
मोनू शर्मा , अमर उजाला, रुड़की
मोनू शर्मा , अमर उजाला, रुड़की
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 07 Feb 2019 10:42 AM IST
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सूबे की जेलों में बंद कैदी जल्द ही चाणक्य और चेतन भगत समेत अन्य लेखकों की लिखी किताबें पढ़ते नजर आएंगे। शासन की तरफ से प्रदेश की सभी जेलों में मिनी लाइब्रेरी खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। मिनी लाइब्रेरी में कैदियों को धार्मिक, राजनीतिक, उपन्यास, स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी किताबें पढ़ने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। जेलों में मिनी लाइब्रेरी खोलने का प्रस्ताव जेल आईजी की तरफ से सूबे की सभी जेलों में भेजा गया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कैदियों को जेल के अंदर किताबों के रूप में नए दोस्त मिलने वाले हैं।
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सूबे की जेलों में अब किताबी ज्ञान जरायम की दुनिया पर भारी पड़ेगा। जेल शासन की ओर से कैदियों को जरायम का ज्ञान भुलाकर किताबी ज्ञान दिया जाएगा। दरअसल, सूबे की सभी छोटी-बड़ी जेलों में जेल प्रशासन की ओर से मिनी लाइब्रेरी खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शासन ने जेल प्रशासन को हरी झंडी दे दी है। हरी झंडी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने मिनी लाइब्रेरी खोलने का खाका तैयार कर लिया है। जेल आईजी डॉ. पीवीके की ओर से सूबे की सभी जेलों में मिनी लाइब्रेरी खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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इसके अलावा मिनी लाइब्रेरी के लिए जेल परिसर में स्थान चयनित करने की भी बात कही गई है। साथ ही जेलों में खुलने वाली मिनी लाइब्रेरी में पुस्तकों का संग्रह कैदियों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किए जाने की बाबत भी जानकारी ली गई है। जेल आईजी की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव में यह भी जानकारी मांगी है कि कैदियों से यह जानकारी ली जाए कि उन्हें कौन सी पुस्तकें पसंद हैं? उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी जेलों की ओर से पुस्तकों की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद मिनी लाइब्रेरी खोली जाएगी।
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इन लेखकों की मिलेगी किताबें
लाइब्रेरी में महात्मा गांधी, रविंद्र नाथ टैगोर, जवाहर लाल नेहरू, स्वामी विवेकानंद, चेतन भगत, मनु भंडारी, प्रेमचंद, कालीदास, महादेवी वर्मा, मैथिलीशरण गुप्त, भारतेंद्र हरिश्चंद्र, जय शंकर प्रसाद। इसके अलावा उर्दू के अमीर खुसरो, मिर्जा गालिब, कैफी आजमी, निदा फाजली।
दस जेलों में बंद कैदियों को मिलेगा लाभ
प्रदेश में देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, सितारगंज, चमोली, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी और टिहरी में जेल हैं। इनमें करीब 4500 पुरुष व महिला कैदी बंद हैं। इन कैदियों में कई कैदी पढ़े-लिखे हैं तो कई को पुस्तकें पढ़ने का शौक है। जेल में मिनी लाइब्रेरी खुलने से इन कैदियों का पुस्तकें पढ़ने शौक पूरा हो सकेगा।
सूबे की सभी जेलों में मिनी लाइब्रेरी खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए सभी जेलों को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। जल्द ही सूबे की सभी जेलों में कैदियों के पढ़ने के लिए मिनी लाइब्रेरी खोली जाएगी।
- डॉ.पीवीके प्रसाद, आईजी, जेल