फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Lance naik pradeep singh rawat martyr in uri sector

उड़ी सेक्टर में शहीद वीर की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़, मां बोली 'मेरा बेटा मरा नहीं, अमर हो गया'

Tue, 14 Aug 2018 06:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Tue, 14 Aug 2018 06:12 PM IST
विज्ञापन
Lance naik pradeep singh rawat martyr in uri sector
शहीद रावत को नमन करने पहुंची भारी भीड़ - फोटो : amar ujala

जम्मू- कश्मीर के उड़ी सेक्टर में बीते रविवार को शहीद हुए उत्तराखंड के लाल लांसनायक प्रदीप सिंह रावत को सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को मुनिकीरेती स्थित श्मशानघाट पर अंतिम विदाई दी गई। तीर्थनगरी में हजारों की संख्या में लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर शहीद को नम आंखों से विदा किया।

विज्ञापन

  
प्रदीप तेरा यह बलिदान याद रखेगा हिंदुस्तान .. के गर्जन भरे नारों के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों ही नहीं बल्कि महिलाओं ने भी अंतिम यात्रा में काफी संख्या में शामिल होकर अमर बलिदानी को अंतिम विदाई दी। मंगलवार को सुबह नौ बजे शहीद प्रदीप सिंह रावत के आवास गंगानगर क्षेत्र से अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान उनके घर के बाहर हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।  
विज्ञापन


इस दौरान श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज के छात्रों ने शहर से गंगानगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर लाइनों में खड़े होकर शहीद प्रदीप सिंह रावत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्कूल के करीब 1200 छात्रों ने हाथों में फूल लेकर अंतिम यात्रा में शामिल सैन्य वाहन पर पुष्पवर्षा की। मेजर गोविंद सिंह रावत की अगुवाई में स्कूल के एनसीसी  कैडेट्स ने शहीद को सलामी दी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी 

Lance naik pradeep singh rawat martyr in uri sector
शोक में डूबे शहीद के परिजन

हरिद्वार रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय व पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज के छात्रों ने सैन्य वाहन पर फूल बरसाए और शहीद प्रदीप रावत अमर रहे के नारे लगाए। अंतिम यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कारवां भी बढ़ता चला गया। इस दौरान हजारों लोग शहीद के पार्थिव शरीर रखे सैन्य वाहन के पीछे पीछे भारत माता की जय के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
 

वहीं चौक-चौराहों व बाजारों में विभिन्न संगठनों ने शहीद के सम्मान में पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गंगानगर से पुरानी चुंगी, घाट चौक, देहरादून रोड तिराहा, कैलासगेट होते  हुए अंतिम यात्रा मुनिकीरेती में कुंभ मेला मैदान के समीप श्मशान घाट पहुंची। इस दौरान खदरी सड़कमाफ के प्रधान सरोप सिंह पुंडीर, गढ़ी के प्रधान सतीश रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य गुमानीवाला किशोरी पैन्यूली, उपप्रधान खदरी सड़कमाफ टेक सिंह राणा, सामाजिक कार्यकर्ता मानवेंद्र कंडारी, पूर्व क्षेत्र पंचायत राजेश व्यास, ज्योति सजवाण, महावीर उपाध्याय, कुसुम कंडवाल,आशा रौथाण, सुंदरी कंडवाल, उषा रावत, कैलास रयाल आदि मौजूद रहे।  
 

सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी 
हमारे जवान सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हम सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की मांग करते हैं।  
- महावीर उपाध्याय, समाजसेवी खदरी श्यामपुर 

आखिर कब तक यूं ही सीमा पर जवान शहीद होते रहेंगे। सरकार कुछ नहीं कर रही है। सेना को छूट दी जाए और पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए।  
- संजीव कुमार, स्थानीय निवासी इंदिरानगर 

शहीद प्रदीप सिंह रावत पर हमें गर्व है। लेकिन अब वक्त आ गया है, कि पाकिस्तान के साथ आर-पार की लड़ाई की जाए।  
- जसविंदर सिंह, स्थानीय व्यापारी 

आखिर सेना के हाथ केंद्र सरकार ने क्यों बांध रखे हैं। पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हो गया है। यह मोदी सरकार केवल बातों की है, शीघ्र कार्रवाई हो और पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए।
-सचिन अग्रवाल, स्थानीय निवासी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed