देवभूमि की व्यथा-कथा: नशे के गर्त से निकलकर अब दूसरों को राह दिखा रहे कृष्णा
- सतपुली निवासी कृष्णा बौंठियाल ने नशा छोड़ अब नशे के खिलाफ छेड़ी मुहिम
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लंबे समय तक नशे की गिरफ्त में रहने से बर्बादी के कगार पर पहुंचे उत्तराखंड में कोटद्वार के सतपुली निवासी कृष्णा बौंठियाल (43) अब दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं। नशे के चंगुल से आजाद होने के बाद अब वे नयार घाटी क्षेत्र में नशा मुक्ति केंद्र के जरिए युवाओं को नशामुक्त करने की अलख जगाए हुए हैं। वर्तमान में वह एक खुशहाल जीवन जीते हुए नशे की राह पकड़ चुके युवाओं को सही राह दिखा रहे हैं।
आपबीती सुनाते हुए कृष्णा कहते हैं कि बचपन से ही गलत संगत में पड़ने से वह नशे के आदी हो गए थे। नशे की लत को पूरा करने के लिए गलत रास्ते पर कदम रखने से भी नहीं हिचकिचाए। लड़ाई, झगड़ा, मारपीट आदि उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी के दिल्ली में सराय रोहिल्ला स्थित नव ज्योति फाउंडेशन उनके जीवन में आशा की किरण बनकर आया।
यहां पर नशा मुक्ति के ट्रीटमेंट के बाद वे इसी संस्थान में वर्ष 2007 तक सेवाएं देकर अन्य को भी नशा छुड़वाने में मदद करते रहे। इसके बाद वह सतपुली लौट गए और सरकारी विभागों में ठेकेदारी का काम शुरू कर नई इबारत लिखी। वर्ष 2012 में विवाह हुआ। आज वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ खुशहाल पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
युवाओं को सही राह पर लाने का बीड़ा उठाया
अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के बाद उन्होंने नशे की गिरफ्त में आए नयार घाटी के युवाओं को सही राह पर लाने का बीड़ा उठाया और जनवरी 2019 में सतपुली के निकट नौगांव में सोच नशा मुक्ति केंद्र शुरू कर दिया, जिसमें वर्तमान में 14 लोगों को नशामुक्ति के लिए अमेरिकन पद्धति के अनुसार योगा, होम्योपैथी और नेचुरोपैथी से ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
उनके इस कार्य में ट्रीटमेंट पाकर नशा छोड़ चुके 10 युवाओं में से सतपुली के दो युवा भी नशा मुक्ति केंद्र में सेवाएं देकर दूसरों का नशा छुड़वाने में मदद कर रहे हैं। जिन लोगों ने 90 के दशक में उन्हें सतपुली समेत कई स्थानों पर नशा कर उत्पात मचाते देखा है, उनके लिए कृष्णा दुनिया के आठवें अजूबे से कम नहीं है।
मैंने नशे के कारण सामाजिक और पारिवारिक तिरस्कार झेलने के साथ ही तमाम चीजों को खोया है। इस बुराई के दुष्परिणामों से भलीभांति वाकिफ हूं। कटु अनुभव हासिल किए हैं, इसलिए युवाओं का नशा छुड़वाकर उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए कृत संकल्पित हूं।
-कृष्णा बौंठियाल, संचालक, सोच नशामुक्ति केंद्र सतपुली