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कालागढ़ टाइगर रिजर्व: गश्त कर रहे दैनिक कर्मचारी पर बाघ ने किया हमला, अस्पताल में भर्ती

Tue, 09 Nov 2021 07:35 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 09 Nov 2021 07:35 PM IST
सार

10 वनकर्मियों के साथ मुंडियापानी बीट के कक्ष संख्या एक में गश्त कर रहे थे। तभी अचानक झाड़ी से निकलकर एक बाघ ने दैनिक कर्मचारी बृजमोहन सिंह रावत (34) पुत्र गोविंद सिंह रावत पर हमला कर दिया।

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Kalagarh Tiger Reserve: Tiger attacked on daily workers during patrolling
बाघ - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के अदनाला रेंज के जंगल में गश्त कर रहे एक दैनिक श्रमिक कर्मी पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया। घायल को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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अदनाला रेंज के वन दरोगा देवेश कुमार जुयाल ने बताया कि मंगलवार सुबह वह 10 वनकर्मियों के साथ मुंडियापानी बीट के कक्ष संख्या एक में गश्त कर रहे थे। तभी अचानक झाड़ी से निकलकर एक बाघ ने दैनिक कर्मचारी बृजमोहन सिंह रावत (34) पुत्र गोविंद सिंह रावत पर हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया। वन दरोगा रविंद्र जखवाल ने बताया कि बाघ ने बृजमोहन पर झपटा मारा, लेकिन बृजमोहन ने हिम्मत नहीं हारी और बहादुरी दिखाते हुए बाघ के मुंह में डंडा डाल दिया।
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इससे बाघ उस पर दांत नहीं मार पाया और भाग गया और उसकी जान बच गई। मामले की जानकारी आला अधिकारियों को देने के बाद वे घायल को बेस अस्पताल ले जाया गया। अदनाला के रेंज अधिकारी नवीन जोशी ने बताया कि बाघ के हमले में घायल रेंज के दैनिक कर्मचारी को राजकीय बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी को मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी। 

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बीते तीन साल में एक फारेस्ट गार्ड समेत दो वनकर्मी गंवा चुके हैं जान

टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के जंगलों में वनकर्मी जान जोखिम में डालकर वन और वन्यजीवों की सुरक्षा कर रहे हैं। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा डंडे के भरोसे चल रही है। वनकर्मियों के साथ पूर्व में हुए हादसों से भी वन विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। 

हाल ही में बाघ के हमले में दैनिक श्रमिक सोहन सिंह और फाॅरेस्ट गार्ड राजेश नेगी की जान चली गई थी। केटीआर के प्लेन रेंज में 15 जुलाई 2019 को दैनिक वन श्रमिक सोहन सिंह और इस घटना के तीन माह बाद ही इसी रेंज के चौखंभ क्षेत्र में फारेस्ट गार्ड राजेश नेगी बाघ के हमले में मारे गए। इन घटनाओं के बाद भी आला अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया। एक बार फिर 25 अगस्त 2021 को अदनाला रेंज के जंगल में गश्त करते दैनिक श्रमिक संपूर्णानंद (43) पुत्र स्व. आनंदमणी पर बाघ ने हमला कर दिया। वह घायल हुए। 

सूत्रों के अनुसार बाघ के हमलों को देखते हुए बुधवार को वनकर्मियों की एक बैठक हो रही है, जिसमें संसाधनों और आधुनिक उपकरणों के न होने से बन रहे हालात पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि टाइगर रिजर्व की वन चौकियां बदहाल पड़ी हैं, वहां पर पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। गश्त करने के लिए जो बंदूकें हैं वे इतनी पुरानी हैं कि उनसे फायरिंग ही नहीं होती। फाॅरेस्ट गार्ड राजेश नेगी की मौत के बाद 22 अक्तूबर, 2019 को वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने वनकर्मियों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा तक ही सिमटा हुआ है।

केटीआर में वनकर्मियों को आधुनिक उपकरण, बंदूक और अन्य सामग्री खरीदने के लिए दो करोड़ का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
- किशनचंद, डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग, लैंसडौन

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