कैलाश मानसरोवर यात्रा 2019: यात्री इन बातों का जरूर रखें ध्यान, बरतें कुछ सावधानियांं
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विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहला जत्था रवाना हो चुका है। कैलाश मानसरोवर यात्रा में तीर्थयात्रियों को पहाड़ी रास्तों पर ट्रैकिंग करते हुए जाना पड़ता है। बेहद ऊंचाई पर होने की वजह से यहां का मौसम भी अक्सर खराब रहता है। इसलिए यात्रा बेहद मुश्किल भी हो जाती है।
इस यात्रा में आपको कई किलोमीटर पैदल चलना होता है, इसलिए सबसे पहले तो जरूरी है आप फिट रहें। अगर आपको हाई बीपी, डायबिटीज, अस्थमा और हृदय रोग है तो आप वहां जाने से बचें। वहीं अगर जाना भी है तो इससे पहले आपको रोजाना वॉक और रनिंग की प्रैक्टिस जरूर कर लेनी चाहिए।
ट्रैकिंग शूज में चलने की आदत भी बना लें
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर अमुमन मौसम खराब रहता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने साथ दौरान हल्के, लेकिन फिटिंग कपड़े, स्वेटर, रेनकोट और कंफर्टेबल शूज अपने साथ जरूर रखें। साथ ही ट्रैकिंग शूज में चलने की आदत भी बना लें।
वैसे तो विदेश मंत्रालय की ओर से यात्रा के लिए पूरी सुविधाएं दी ही जाती हैं, लेकिन फिर भी आपको अपने लिए कुछ चीजें साथ में जरूर रख लेनी चाहिए। जैसे: नमकीन बिस्किट या ड्राई फ्रूट या जूस आदि। इन्हें आप यात्रा के दौरान थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर खाते रहेंगे तो आपको कमजोरी महसूस नहीं होगी।
फर्स्ट एड बॉक्स जरूर रखें
यात्रा पर जाते समय आप अपने साथ फर्स्ट एड बॉक्स जरूर रखें। बर्फ में जाने से कई बार यात्री गिरते भी है या सर्दी जुकाम जैसी समस्या भी हो जाती है। ऐसे में अगर आपके पास दवाईयां होंगी तो आपके लिए आसानी हो जाएगी।
कैलाश मानसरोवर जा रहे हैं तो आप वहां मानसरोवर झील का दीदार जरूर करें। समुद्र तल से 14 हजार 950 फीट की ऊंचाई पर स्थित ताजे पानी की यह झील दुनिया की सबसे ऊंची झील है। यहां का नजारा इतना खूबसूरत है कि आप उसे एक बार देखने तो दोबारा जाने की इच्छा जरूर रखेंगे।