वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी की संदिग्ध हालात में मौत, कुंडे से लटका मिला शव
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उत्तराखंड के जाने-माने फोटोग्राफर और वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी नहीं रहे। सोमवार को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे करीब 63 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर लगते ही पुलिस, प्रशासन के अधिकारी, पत्रकार, सामाजिक संगठनों के लोग उनके आवास पर पहुंचे।
वे अपने आवास पर कमरे की दीवार के कुंडे पर रस्सी के सहारे लटके मिले। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। उनके निधन की खबर से उनके परिजनों, परिचितों, पत्रकार जगत में शोक की लहर छा गई।
कमल जोशी अपने कोटद्वार स्थित आवास पर अकेले रहते थे। बताया जाता है कि रविवार शाम को वह किसी काम के लिए पड़ोसियों से सीढ़ी मांगकर ले गए थे। सोमवार शाम करीब चार बजे जब पड़ोसियों को सीढ़ी की जरूरत पड़ी तो वे उनके आवास पर गए।
दरवाजा बंद था, लेकिन कुंडी नहीं लगी थी। पड़ोसियों ने बाहर से आवाज दी तो कोई रिस्पांस नहीं मिला। मोबाइल पर ट्राई करने पर भी घंटी बजती रही, लेकिन मोबाइल उठा नहीं।
भाई ने उठाई जांच की मांग
फिर अनहोनी की आशंका से पड़ोसियों ने उनके मालवीय उद्यान निवासी रिश्तेदार राजेंद्र प्रसाद जखमोला को सूचना दी। वे दौड़े-दौड़े उनके आवास पर आए। उन्होंने अंदर झांककर देखा तो होश उड़ गए।
कमल जोशी का शरीर नाइलोन की रस्सी से कुंडे पर लटका हुआ था। पुलिस ने रस्सी काटकर शव नीचे उतारा। घटनाक्रम को देखने पर हर कोई उनकी मौत को संदिग्ध बता रहा था।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है। उनके निधन पर पत्रकारों, साहित्यकारों, राजनीतिक संगठनों के लोगों ने शोक जताते हुए उनके निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। देर रात तक उनके आवास पर लोगों का तांता लगा हुआ था। परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर तक सभी नाते-रिश्तेदार कोटद्वार पहुंच रहे हैं।
कमल जोशी बेहद जुझारू व्यक्ति थे। उनकी मौत जिन हालात में हुई है, उसकी जांच होनी चाहिए।
- डॉ. अनिल जोशी, कमल जोशी के छोटे भाई