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Joshimath Sinking: एक बार फिर बढ़ा पानी का रिसाव, लेकिन थमने लगी दरारों की संख्या और चौड़ाई, 181 भवन असुरक्षित

Thu, 19 Jan 2023 10:12 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ(चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ(चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 19 Jan 2023 10:12 PM IST
सार

चमोली जिला प्रशासन की ओर से सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है। उसकी जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर राहत पैकेज तैयार किया जाएगा।

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Joshimath Sinking Water leakage increased again but cracks in House Stop
जोशीमठ में घरों से पानी का रिसाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोशीमठ में पानी का रिसाव एक बार फिर बढ़ गया है, लेकिन कुछ राहत की बात यह है कि भवनों की दरारें पिछले तीन दिन से थमी हैं। आपदा प्रबंधन सचिव डा.रंजीत कुमार सिन्हा के मुताबिक सीबीआरआई की ओर से भवनों में लगाए गए क्रेकोमीटर से पता लगा है, क्षेत्र में न दरारों की संख्या बढ़ी न उनकी चौड़ाई। इससे लग रहा है चीजें स्थिर हो रही हैं।

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डॉ. सिन्हा के मुताबिक बृहस्पतिवार को मात्र एक परिवार को विस्थापित किया गया है। जिनकी संख्या 258 से बढ़कर अब 259 हो गई है। डॉ. सिन्हा के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने भी समीक्षा की। सीएम ने कहा कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी तरह की धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में शहरी विकास विभाग को हर जिले में प्रभावी अर्बन टाउन प्लानिंग की तैयारी के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय नगरों में ड्रेनेज एवं सीवर सिस्टम की प्रभावी व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।
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चमोली जिला प्रशासन की ओर से सर्वेक्षण का काम किया जा रहा है। उसकी जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर राहत पैकेज तैयार किया जाएगा। केंद्रीय तकनीकी संस्थाओं की भी रिपोर्ट आनी है। मुख्य सचिव ने भी इन संस्थाओं के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर तय समय में कार्य के निर्देश दिए।

अब तक 849 भवनों में आई हैं दरारें
आपदा प्रबंधन सचिव ने कहा अब तक 849 भवनों में दरारें आई हैं। गांधीनगर में एक, सिंहधार में दो, मनोहरबाग में 5, सुनील में 7 क्षेत्र, वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित हैं।

जगह-जगह बनाए गए हैं राहत शिविर
आपदा प्रबंधन सचिव के मुताबिक अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष हैं, जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है, पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं, जिनकी क्षमता 2205 लोगों की हैं।

पानी रिसाव की आनी है विस्तृत रिपोर्ट
विस्थापन के लिए चार जगह चिन्हित की गई हैं। यदि लोगों को मुआवजा दिया जाना है तो इसका भी विकल्प है। पानी के रिसाव के घटने, बढ़ने के बारे में उन्होंने कहा विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसके बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

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