हरिद्वार जिंप चुनाव: छुटपुट टकराव के बीच 75 फीसदी मतदान, 21 जून को होगी मतगणना
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सुबह धीमी गति से शुरू हुए मतदान ने दोपहर बाद रफ्तार पकड़ ली। शाम तक 14 गांवों में बनाए गए 36 बूथों पर 75 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे ज्यादा सुनेहटी गांव में 84 तथा सबसे कम बिनारसी गांव में 66.2 फीसदी मतदान हुआ। बाद में मतपेटियों को सीलकर कड़ी सुरक्षा के बीच भगवानपुर ब्लॉक में भेज दिया गया। चार जगहों पर फर्जी वोट डालने को लेकर टकराव की स्थिति भी पैदा हुई। लेकिन पुलिस ने जल्द ही इस पर काबू पा लिया।
जानकारी के अनुसार तेज्जुपुर के मतदान केंद्र पर फर्जी वोट डालने की शिकायत पर पीठासीन अधिकारी ने एक व्यक्ति को रोक दिया। इस पर वहां गहमागहमी हो गई। पुलिस ने आरोपी को केंद्र के बाहर कर वोटिंग शुरू करा दी। वहीं मेहश्वरी गांव में एक जनप्रतिनिधि के भाई के बूथ में पहुंचने पर एजेंटों ने आपत्ति दर्ज कराई। वहां भाजपा नेता सुबोध राकेश भी पहुंच गए। पुलिस ने जनप्रतिनिधि के भाई को बूथ से बाहर कर दिया। थोड़ी ही देर बात मामला शांत हो गया।
इसके अलावा डाडली गांव के मतदान केंद्र पर एक दूसरे व्यक्ति का वोट डालने को लेकर हंगामा हो गया। एजेंटों ने उसे वोट डालने से रोक दिया। बाद में पुलिस ने उसे मतदान केंद्र से बाहर कर दिया। सुनहेटी आल्हापुर में भी दूसरे की वोट डालने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने आरोपी व्यक्ति को केंद्र से बाहर कर दिया। साथ ही आधा घंटा केंद्र पर रहकर निगरानी की। इसके बाद यहां कोई टकराव नहीं हुआ।
शाम पांच तक सभी केंद्रों पर 75 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें सबसे ज्यादा मतदान सुनेहटी गांव में 84 प्रतिशत तथा सबसे कम मतदान बिनारसी गांव में 66.2 प्रतिशत हुआ। गौरतलब है कि विगत चुनाव में भी सुनेहटी में ही सबसे अधिक मतदान हुआ था।
दलित और मुस्लिमों वोटों के रुझान पर टिकी रहीं निगाहें
मानकपुर आदमपुर की जिपं सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। दलित और मुस्लिम वोटरों के रुझान पर सभी की निगाहें टिकी रहीं। माना जा रहा है कि निर्दलीय जीत के आंकड़ें से काफी दूर रहेंगे। लेकिन उनको मिलने वाले वोटों से भाजपा और कांग्रेस का चुनावी गणित जरूर प्रभावित हो सकता है।
मतदाताओं ने इस सीट पर खड़े 14 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद कर दिया। लेकिन रुझानों के अनुसार भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर के आसार हैं। हालांकि राजनीतिक जानकारों के अनुसार बबली चौधरी के इस मैदान से हटने के बाद काफी बड़ा तबका कांग्रेस प्रत्याशी कुसुम चौधरी के पक्ष में गया है। वहीं भाजपा को कैडर वोट के अलावा सभी बिरादरियों से वोट मिला है। भाजपा के कुछ नेताओं ने मुस्लिम वोटों में सेंध लगाने का भी दावा किया है। ऐसे में पहले से ही कड़ी टक्कर दे रही कांग्रेस और भाजपा के बीच यहां कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी कई मतदान केंद्रों पर वोट बंटोरे हैं। इस सीट पर बतौर निर्दलीय लोकेंद्र और अमित सहगल ने कई मतदान केंद्रों पर दलित वोटों में सेंध लगाई है। जानकारों की माने तो इनके वोट भाजपा और कांग्रेस दोनों को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में किस पार्टी को कितना नुकसान होगा। इसका सही पता 21 जून को होनी मतगणना में ही पता लगेगा।