कर्जदारों से बचने के लिए ज्वैलर ने दी लूट की सूचना, तीन घंटे शहर में दौड़ती रही पुलिस फिर...
- ज्वैलर्स ने तमंचे के बल पर गहने लूटने की दी थी सूचना
- आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर झूठ हुआ उजागर
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ज्वैलर्स की दुकान में दिनदहाड़े तमंचे के बल पर हुई लूट की फर्जी सूचना ने पुलिस अफसरों को तीन घंटे तक दौड़ाया। बदमाशों की तलाश में सभी थाने, चौकियों को अलर्ट करने के साथ ही संदिग्ध वाहनों की जांच भी शुरू कर दी गई थी। वहीं एसपी सिटी से लेकर कोतवाल तक मौके पर पहुंचकर जानकारी एकत्र करने के साथ ही मातहतों को निर्देश देते रहे लेकिन जब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले गए तो कोई बदमाश नजर नहीं आया।
शक होने पर जब ज्वैलर्स से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने झूठी सूचना देने की बात स्वीकारी। इसके बाद ज्वैलर्स को कोतवाली लाकर कड़ी फटकार लगाई गई। पुलिस अब झूठी सूचना देने पर ज्वैलर्स पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
मूल रूप से तेजगढ़ यूपी और हाल निवासी पहाड़गंज प्रदीप रस्तोगी की वार्ड 15 में प्रदीप ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। मंगलवार शाम चार बजे उसने पुलिस को सूचना दी की उसकी दुकान में ग्राहक बनकर आए बदमाशों ने तमंचे के बल पर लूटपाट की। बदमाश उसकी दुकान से 66.400 ग्राम सोने के गहने व 460 ग्राम के पाजेब लूट ले गए। एक बदमाश ने हाथापाई कर उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। इसके बाद महिला समेत तीनों बदमाश पल्सर और अपाचे बाइक से फरार हो गए।
कोई सुराग नहीं मिला
लूट की सूचना पर कोतवाल केसी भट्ट मौके पर पहुंचे और सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद एसपी सिटी देवेंद्र पींचा भी पहुंचे। उन्होंने बदमाशों को पकड़ने के लिए गदरपुर, किच्छा, पुलभट्टा और रुद्रपुर में घेराबंदी करने के निर्देश चौकी, कोतवाली और थाना प्रभारियों को दिए। बदमाशों की तलाश के लिए हर पुलिसकर्मी और अधिकारी दौड़ते रहे लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बदमाश नहीं दिखे। जब ज्वैलर्स से पूछताछ की तो उसने झूठी सूचना देने की बात स्वीकार कर ली। कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि ज्वैलर्स पर झूठी सूचना देने पर कार्रवाई की जाएगी।
खरीदी गई ज्वैलरी बेची और रची साजिश
कोतवाल भट्ट ने बताया कि आरोपी जरूरतमंदों से उनके सोने, चांदी के गहने गिरवी रखवाकर कर्ज देने का काम करता है। उसके ऊपर लोगों का कर्ज है। कर्जदारों के तकादे से बचने के लिए ही प्रदीप ने लूट की झूठी साजिश रची थी। प्रदीप ने रुद्रपुर के राजश्री ज्वैलर्स से एक लाख रुपये की ज्वैलरी उधार में ली थी और बिलासपुर में उसे एक ज्वैलर्स को बेचकर एक लाख रुपये ले लिए थे। प्रदीप ज्वैलरी बेचने से मिले एक लाख रुपये कर्जदारों को देने वाला था। इसके अलावा राजश्री ज्वैलर्स को ज्वैलरी के रुपये न देने पड़े, इसलिए लूट की झूठी सूचना पुलिस को दी थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज से प्रदीप का झूठ पकड़ा गया।