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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   It is important to know about the anesthetist before surgery.

Dehradun News: सर्जरी से पहले एनेस्थेटिस्ट के बारे में भी जानना जरूरी

Mon, 16 Oct 2023 11:15 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:15 AM IST
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It is important to know about the anesthetist before surgery.
I- एनेस्थीसिया की ओवरडोज से हो सकता एनाफाइलेक्सिस रिएक्शनI
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I- एक हजार मरीजों में एक या दो को होता है यह रिएक्शन
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Iकिसी छोटे नर्सिंग होम या क्लीनिक में सर्जरी करवाने से पहले एनेस्थेटिस्ट की योग्यता जांचना बहुत जरूरी होता है। लोग यह जानने की कोशिश नहीं करते हैं। एनेस्थीसिया का रिएक्शन मरीजों को और बीमार कर सकता है। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया की ओवरडोज होने से एनाफाइलेक्सिस रिएक्शन हो सकता है। हालांकि इस तरह के मामले बहुत कम आते हैं। पिछले साल नोएडा के निजी क्लीनिक में एनेस्थीसिया देने के बाद महिला ब्रेन डेड हो गई थी। डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी से पहले एनेस्थेटिस्ट के बारे में जानें और प्री एनेस्थीसिया चेकअप जरूर करवाएं।I
Iकिसी भी सर्जरी या ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया देना जरूरी होता है। इससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है या शरीर का ऑपरेशन वाला हिस्सा सुन्न हो जाता है। दून अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दौलत सिंह ने बताया कि सर्जरी करवाने से पहले लोग सर्जन के बारे में पूछते हैं। लेकिन, सर्जरी के दौरान बेहोश करने वाले एनेस्थेटिस्ट के बारे में भी जानना चाहिए। मरीज को जो बेहोश करेगा वह कैसा एनेस्थेटिस्ट है। उसकी योग्यता पूरी है या नहीं। एनेस्थीसिया के खतरे के विकल्पों पर भी बात करनी चाहिए। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है इनमें एनेस्थीसिया के रिएक्शन का खतरा भी रहता है।I
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I- ब्लड प्रेशर और पल्स रेट कम हो सकती है -
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Iनिजी अस्पताल के एनेस्थेटिस्ट डॉ. कपिल सिंघल ने बताया कि एनाफाइलेक्सिस रिएक्शन की समस्या एक हजार मरीजों में एक या दो में देखने को मिलती है। इस रिएक्शन में मरीज की हार्टबीट तेज या कम हो जाती है। ब्लड प्रेशर और पल्स रेट बिल्कुल कम हो जाता है। इसमें मरीज की मौत भी हो सकती है।
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I- जनरल एनेस्थीसिया - इसमें एनेस्थीसिया के माध्यम से मरीज को पूरा बेहोश किया जाता है फिर ऑपरेशन किया जाता है।I
I- रीजनल एनेस्थीसिया - इसमें शरीर का कुछ हिस्सा सुन्न किया जाता है। जैसे हाथ का ऑपरेशन करना है तो पूरा हाथ सुन्न किया जाता है।
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I- लोकल एनेस्थीसिया - लोकल एनेस्थीसिया में शरीर का सिर्फ वह हिस्सा सुन्न किया जाता है जिस जगह पर ऑपरेशन होता है। जैसे हाथ की उंगली का ऑपरेशन है तो सिर्फ उंगली ही सुन्न की जाती है।I
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I- एक हजार मरीजों में एक या दो को होता है यह रिएक्शनI
Iकिसी छोटे नर्सिंग होम या क्लीनिक में सर्जरी करवाने से पहले एनेस्थेटिस्ट की योग्यता जांचना बहुत जरूरी होता है। लोग यह जानने की कोशिश नहीं करते हैं। एनेस्थीसिया का रिएक्शन मरीजों को और बीमार कर सकता है। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया की ओवरडोज होने से एनाफाइलेक्सिस रिएक्शन हो सकता है। हालांकि इस तरह के मामले बहुत कम आते हैं। पिछले साल नोएडा के निजी क्लीनिक में एनेस्थीसिया देने के बाद महिला ब्रेन डेड हो गई थी। डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी से पहले एनेस्थेटिस्ट के बारे में जानें और प्री एनेस्थीसिया चेकअप जरूर करवाएं।

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Iकिसी भी सर्जरी या ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया देना जरूरी होता है। इससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है या शरीर का ऑपरेशन वाला हिस्सा सुन्न हो जाता है। दून अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दौलत सिंह ने बताया कि सर्जरी करवाने से पहले लोग सर्जन के बारे में पूछते हैं। लेकिन, सर्जरी के दौरान बेहोश करने वाले एनेस्थेटिस्ट के बारे में भी जानना चाहिए। मरीज को जो बेहोश करेगा वह कैसा एनेस्थेटिस्ट है। उसकी योग्यता पूरी है या नहीं। एनेस्थीसिया के खतरे के विकल्पों पर भी बात करनी चाहिए। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है इनमें एनेस्थीसिया के रिएक्शन का खतरा भी रहता है।
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I- ब्लड प्रेशर और पल्स रेट कम हो सकती है -
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Iनिजी अस्पताल के एनेस्थेटिस्ट डॉ. कपिल सिंघल ने बताया कि एनाफाइलेक्सिस रिएक्शन की समस्या एक हजार मरीजों में एक या दो में देखने को मिलती है। इस रिएक्शन में मरीज की हार्टबीट तेज या कम हो जाती है। ब्लड प्रेशर और पल्स रेट बिल्कुल कम हो जाता है। इसमें मरीज की मौत भी हो सकती है।
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I- जनरल एनेस्थीसिया - इसमें एनेस्थीसिया के माध्यम से मरीज को पूरा बेहोश किया जाता है फिर ऑपरेशन किया जाता है।
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I- रीजनल एनेस्थीसिया - इसमें शरीर का कुछ हिस्सा सुन्न किया जाता है। जैसे हाथ का ऑपरेशन करना है तो पूरा हाथ सुन्न किया जाता है।
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I- लोकल एनेस्थीसिया - लोकल एनेस्थीसिया में शरीर का सिर्फ वह हिस्सा सुन्न किया जाता है जिस जगह पर ऑपरेशन होता है। जैसे हाथ की उंगली का ऑपरेशन है तो सिर्फ उंगली ही सुन्न की जाती है।I
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