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दून में शूटिंग करना चाहते हैं इकबाल दुर्रानी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 11 Oct 2015 01:53 PM IST
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मशहूर डायरेक्टर इकबाल दुर्रानी उत्तराखंड की फिजाओं के कायल हैं। वह अपनी अगली फिल्म ‘स्टूडेंट वर्सेस गैंगस्टर’ की शूटिंग यहां करने के इच्छुक हैं। उत्तराखंड सरकार से सहयोग के लिए जल्द ही वह सीएम हरीश रावत से मुलाकात करेंगे। फिल्म कामयाब होने पर दून में फिल्म के लिए एक छोटी यूनिट लगाएंगे।
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शनिवार को देहरादून स्थित शिमला बाईपास स्थित बॉलीवुड स्कूल ऑफ ड्रामा में पत्रकारों से इकबाल दुर्रानी ने उत्तराखंड की खूबियां गिनाते हुए यहां फिल्म बनाने की इच्छा जताई। कहा कि अगर सरकार सुविधाएं देगी तो वह यहां फिल्म बनाएंगे। फिल्म की शूटिंग नवंबर, दिसंबर माह में होनी है।
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इसके लिए जरूरी सुविधा है सिक्योरिटी, ताकि फिल्म के दौरान कोई रुकावट न आए। उनकी यह फिल्म यंगस्टर पर केंद्रित है। फिल्म के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की जाएगी कि आज का युवा नशे और बुरी आदतों में लिप्त होता जा रहा है, लेकिन वही युवा चाहे तो देश की तस्वीर बदल सकता है।
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फिल्म की चालीस प्रतिशत शूटिंग दून के किसी कॉलेज में होगी। अस्सी से नब्बे प्रतिशत शूटिंग उत्तराखंड में होगी। उन्होंने फिल्म के मुख्य किरदारों के नाम नहीं बताए। बताया कि लीड रोल में बॉलीवुड के नए चेहरे होंगे। दून के लोकल कलाकारों को मौका मिलेगा। इस मौके पर बॉलीवुड ड्रामा स्कूल के जुल्फकार टाइगर, वशीम राजा मौजूद थे।
पर्यटन बढ़ाने को फिल्म जरूरी
दुर्रानी का कहना है कि उत्तराखंड में हिंदुस्तान बसता है। राज्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, जिससे यहां की खूबियों को हाइलाइट किया जा सके। इससे बेहतर मौका और कोई नहीं हो सकता। हमें इस तरह की लोकेशन चाहिए और सरकार को हाइलाइट करने का माध्यम।
तलाश थी विकासशील राज्य की
दुर्रानी से फिल्म बनाने के लिए उत्तराखंड का चुनाव करने की बाबत कहा कि उन्हें एक ऐसी जगह की तलाश थी जो पूरी तरह विकसित न हो, लेकिन डेवलपमेंट हो रहा हो। जो जगह पहाड़, नदियाें और नेचर के इतने करीब हो, वहां के लोग भी उतने ही खूबसूरत होते हैं। वह पहले भी दून, मसूरी आदि जगह घूमने आए थे। तभी से उनके दिमाग में दून की खूबसूरती बस गई।
रवींद्र जैन ने कुरान शरीफ का ट्रांसलेशन कविताओं में किया
डायरेक्टर इकबाल दुर्रानी ने बताया कि मशहूर संगीतकार रवींद्र जैन लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह तीन माह पहले उनसे मिले थे। उनके बारे में एक बात कोई नहीं जानता कि उन्होंने कुरान शरीफ का ट्रांसलेशन कविताओं में किया।
उनकी इच्छा इसे प्रकाशित करने की थी जो उनके जीते जी नहीं हो पाई। कहा कि वह उनके इस संग्रह को प्रकाशित करेंगे। हमेशा अपनी संगीत के माध्यम से लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
क्षेत्रीय फिल्में बढ़ाएं ग्रेड
दुर्रानी ने कहा कि उन्होंने गढ़वाली फिल्में देखी हैं। इस पर वर्कआउट की जरूरत है। उनके अनुसार क्षेत्रीय फिल्मों को अपना ग्रेड बढ़ाने और अधिक थियेटर की जरूरत है। उत्तराखंड में सब कुछ है इसका सही प्रयोग करना जरूरी है।
दुर्रानी मुख्य फिल्में
खुद्दार, बेताज बादशाह, फूल और कांटे, सौगंध, शिवा, दिल आस्ना है, मिट्टी, इज्जत, दिल, मजबूर, कोहराम जैसी बेहतरीन फिल्म के अलावा सैकड़ों फि ल्मों के इकबाल दुर्रानी डायरेक्टर एवं राइटर रह चुके हैं।