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फर्जी IAS मामलाः टिकैत पूछेंगे अकादमी से सवाल!

Thu, 09 Apr 2015 04:26 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 09 Apr 2015 04:26 PM IST
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indian farmers associations involved in fake ias case.

फर्जी आईएएस अफसर मामले में अब भारतीय किसान यूनियन पुलिस, प्रशासन और आईएएस अकादमी अधिकारियों से वे अनसुलझे सवाल पूछ सकती है, जिनके जवाब देने से ये सब अब तक कतराते रहे हैं।

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अकादमी में फर्जी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी के परिजनों ने यूनियन पदाधिकारियों से संपर्क किया है। बेटी के उत्पीड़न की बात कहकर मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप भी लगाया गया है।
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मुजफ्फरनगर के कुटबी गांव की रहने वाली रूबी चौधरी के परिजन मामले के खुलासे के बाद पहले तो सकते में आ गए थे। लेकिन, अब वे खुलकर बेटी को बचाने की कोशिश में जुट गए हैं।
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दो दिन पूर्व मसूरी में रूबी की पेशी के दौरान परिजनों ने उसका खुलकर साथ दिया था। मामा अजयपाल और पिता सतवीर सिंह चौधरी का सीधा आरोप था कि रूबी को झूठा फंसाया जा रहा है। अब रूबी के परिजन भारतीय किसान यूनियन की शरण में हैं।

बताया जा रहा है कि रूबी के पिता और अन्य परिजनों ने हाल में यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत (पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह टिकैत का बेटा) से मुलाकात की है। बताया है कि पुलिस ने रूबी की ओर से आरोपी उपनिदेशक सौरभ जैन के खिलाफ अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

परिजनों ने यह भी कहा है कि पुलिस रूबी का उत्पीड़न कर रही है, जबकि अकादमी अधिकारियों से पूछताछ की जरूरत तक महसूस नहीं की गई है। यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुलाकात की पुष्टि की है, लेकिन बताया कि यूनियन ने रूबी के परिजनों को अभी मैदान में उतरने का वादा नहीं किया है।

उनका कहना है कि अभी यूनियन इस मामले की अपने स्तर पर जांच करेगी। हर पहलू को अच्छी तरह समझने, जानने के बाद ही यूनियन इस मामले में कदम बढ़ाएगी।

बालियान खाप का मिलेगा लाभ
सूत्र बताते हैं कि रूबी चौधरी का गांव कुटबी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उस 84 बालियान खाप से जुड़ा है, जिससे भारतीय किसान यूनियन के नेता महेंद्र सिंह टिकैत आते थे। माना जा रहा है कि टिकैत हमेशा किसानों और खाप की रक्षा के पक्षधर रहे थे।
ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि देर सवेर उनके बेटों द्वारा चलाई जा रही भारतीय किसान यूनियन रूबी के पक्ष में बड़ा आंदोलन कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में टिकैत बंधुओं पर खाप का भी दबाव बन रहा है।

पहले झुका चुके पुलिस को
वर्ष 2009 में रणबीर एनकाउंटर प्रकरण में भी भारतीय किसान यूनियन ने पुलिस को झुका दिया था। तब रणबीर के फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने के खुलासे के बाद यूनियन अध्यक्ष महेंद्र सिंह टिकैत सड़क पर उतर गए थे। हजारों प्रदर्शनकारियों संग टिकैत के विरोध के बाद सरकार झुकी थी और जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस मामले के सभी आरोपी पुलिसकर्मी अभी सजा भुगत रहे हैं।

नहीं मिला रूबी का लैपटॉप
पुलिस रिमांड पर ली गई रूबी चौधरी से बुधवार को दूसरे दिन भी लैपटॉप बरामद नहीं हो सका है। पुलिस ने रिमांड के लिए दी अर्जी में लैपटॉप बरामदगी को प्रमुख कारण बताया था।

पुलिस ने मंगलवार को मेरठ में कई दुकानों पर जाकर पूछताछ की, लेकिन पता नहीं चला। उधर, नैनीताल अकादमी और होटल के सत्यापन में भी कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

गवाह बनते ही गार्ड के प्रति बदले तेवर

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फर्जी आईएएस रूबी चौधरी प्रकरण का ठीकरा लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अधिकारियों ने जिस सुरक्षा गार्ड देव सिंह के सिर फोड़ा था, उसके सरकारी गवाह बनते ही अकादमी प्रबंधन के तेवर बदल गए हैं। अकादमी के अधिकारी भी अभी रूबी के आरोपों के घेरे में आ रहे हैं।

अब देव सिंह के बयानों पर ही इस मामले में बहुत कुछ निर्भर करता है। ऐसे में अकादमी ने देव सिंह को दिया कमरा खाली करने का नोटिस वापस ले लिया है। बताया जा रहा है कि इसके जरिये अब देव सिंह का मुंह बंद रखने की कोशिश शुरू हो गई है।

देव सिंह वह सुरक्षा गार्ड है, जिसके कमरे में रूबी चौधरी छह माह तक रही थी। रूबी चौधरी के फर्जी आईएएस बनकर अकादमी में रहने के खुलासे के तुरंत बाद अकादमी प्रबंधन ने देव सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके साथ ही अकादमी ने देव सिंह को अकादमी क्वार्टर छोड़ने का नोटिस भी दे दिया था।

इस बीच मामले की जांच कर रही एसआईटी ने देव सिंह को सरकारी गवाह बना लिया। सूत्र बताते हैं कि देव सिंह रूबी के अकादमी में टिके रहने की वजहें बेहतर जानता है। अगर देव सिंह ने भी गवाही में अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन या किसी अन्य अधिकारी का नाम लिया तो मुश्किल हो सकती है।

यही वजह है कि बुधवार को देव सिंह को दिया गया नोटिस वापस ले लिया गया। सूत्रों के अनुसार अकादमी से जुड़े कुछ अधिकारियों ने देव सिंह से संपर्क की भी कोशिश की है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। मालूम हो कि रूबी चौधरी ने आरोप लगाया है कि उसे उपनिदेशक सौरभ जैन ने ही यूनिफार्म और फर्जी आई कार्ड बनवाकर दिया था।

यहां बात नहीं करता कोई
अकादमी से जुड़े चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्र्मचारियों का कहना है कि अकादमी में तैनात अधिकारी और आईएएस प्रशिक्षु इन दिनों निचले स्तर के कर्मचारियों से बातचीत नहीं कर रहे।

पहले लाइब्रेरी, कैंटीन आदि में मुलाकात होने पर हालचाल पूछा जाता था, लेकिन अब माहौल बिलकुल बदल गया है। अधिकारियों की कोशिश है कि वे किसी भी तरह कर्मचारियों से दूरी बनाए रखें। दरअसल, उन्हें यह डर है कि बातचीत में कहीं मुंह से र्कोई ऐसी बात न निकल जाए जो उन पर ही सवाल खड़े कर दे।

टीवी, अखबार पर प्रतिबंध
अकादमी प्रशासन ने परिसर के भीतर समाचार पत्र प्रतिबंधित कर दिए हैं। अकादमी के गेट से भीतर अब कोई अखबार नहीं जा रहा है।

इसके अलावा अकादमी के हास्टलों, मेस, कैंटीन आदि स्थानों पर लगे टीवी पर समाचार चैनल भी लॉक कर दिए गए हैं। अकादमी अधिकारी नहीं चाहते कि फर्जी आईएएस प्रकरण की अकादमी के भीतर चर्चा हो। बताया जा रहा है कि सिर्फ अधिकारी अपने आवासों में ही टीवी चैनल देखकर इस मामले पर अपडेट ले रहे हैं।

चले जाओ, मेरी नौकरी पर रहम करो
मीडियाकर्मियों ने बुधवार को दूसरे दिन भी अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन से मुलाकात की कोशिश की। लेकिन पूरे दिन वह घर से बाहर नहीं निकले। बाद में अकादमी की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड ने मीडियाकर्मियों से चले जाने के लिए कहा। मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछा तो वह दयनीय हाल में बोला, ‘भाई, मेरी नौकरी पर रहम करो।’

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