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Dehradun News: गर्भवती महिलाओं को लंबी लाइन से राहत, अनाथ बच्चों के बालगृह में बनेंगे प्रमाणपत्र

Sat, 25 Oct 2025 03:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sat, 25 Oct 2025 03:29 PM IST
सार

देहरादून। जिले में शुक्रवार को महिलाओं, अनाथ बच्चों, कर्मचारियों और आम लोगों की समस्याएं कम करने के लिए सुविधाएं देने के चार फैसले हुए। जिलाधिकारी ने बालगृहों में ही अनाथ बच्चों के प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश दिए तो दून अस्पताल प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं के लिए महिला ओपीडी में ही पर्चा बनवाने की व्यवस्था की। इनके अलावा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ से जुड़ी समस्याएं दूर करने के लिए कैंप लगाएगा तो क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पासपोर्ट बनाने के लिए चकराता और चंबा में वैन भेजेगा।

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Dehradun Relief from long queues for pregnant women certificates to be made in orphanage for orphaned children
आईएएस सविन बंसल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऋषिपर्णा सभागार में डीएम सविन बसंल ने जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून की जिला बाल कल्याण और संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति के साथ त्रैमासिक बैठक की। डीएम ने निर्देश दिए कि ई-डिस्ट्रीक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि बालगृहों में रह रहे बच्चों के आधार अपडेशन और नए आधार कार्ड बनाए जाए। डीएम ने सीएमओ को सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में 10 दिन के भीतर आरबीएसके टीम भेजकर स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।

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डीएम ने वार्ड स्तरीय और ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने, नगर आयुक्त देहरादून और ऋषिकेश, जिला पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए कि मिशन वात्सल्य दिशा-निर्देश के अनुसार गांवों से लेकर शहरों तक वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया जाए और वित्तीय अनुदान का पांच प्रतिशत बच्चों के कल्याण और सुरक्षा पर व्यय हो। उन्होंने निर्देशित किया कि जो संस्थाए पंजीकृत नहीं हैं उनकी जेजे एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण की कार्यवाही कराई जाए। इसके साथ ही बालगृहों में रह रहे अनाथ बच्चों के अनाथ प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड,आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड आदि बनाने में आने वाली कठिनाइयों पर भी चर्चा की गई।
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बैठक के दौरान सीडीओ अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष नमिता ममगांई आदि मौजूद रहे।

अब तक किया जा चुका 82 बच्चों का रेस्क्यू

जिला प्रशासन की टीम ने अब तक दो चरणों में कुल 82 बच्चों को रेस्क्यू किया और सभी को स्कूलों में दाखिला दिलाया है। पहले चरण में 51 बच्चों को विभिन्न स्कूलों और दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला दिलाया जा चुका है। बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए अंतरविभागीय टीम और रेस्क्यू वाहन लगाए हैं।

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